कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के कई देशों से वैक्सीन को लेकर अच्छी खबरें सामने आ रही हैं। भारत में भी सात कंपनियां कोरोना का टीका तैयार करने में लगी है। आईसीएमआर और भारत बायोटेक द्वारा तैयार वैक्सीन Covaxin का दिल्ली एम्स, पटना एम्स, रोहतक पीजीआई समेत अन्य संस्थानों में ह्यूमन ट्रायल शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी ओर जायडस कैडिला ने भी भारतीय औषधि महानियंत्रक (DGCI) से अनुमति मिलने के बाद ह्यूमन ट्रायल की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, पहले से उपलब्ध एक और वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ उम्मीद जगाती नजर आ रही है। आइए, जानते हैं इन देसी टीकों के बारे में वैज्ञानिकों की ओर से क्या-क्या अच्छी खबरें आ रही हैं:
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Coronavirus Vaccine: देसी वैक्सीन पर दो बड़ी खबर, कोवाक्सिन के साथ बीसीजी टीका भी जगा रहा उम्मीद
Tue, 28 Jul 2020 02:17 AM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Tue, 28 Jul 2020 02:17 AM IST
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Coronavirus Vaccine
- फोटो : Twitter/Amar Ujala
Covaxin Update
- फोटो : ICMR/Amar Ujala
- कोरोना वायरस की वैक्सीन पर देश में तेजी से काम चल रहा है। आईसीएमआर-भारत बायोटेक की Covaxin का दिल्ली एम्स, पटना एम्स, रोहतक पीजीआई के बाद ओडिशा के भुवनेश्वर में भी ट्रायल शुरू हो चुका है। कुछ चयनित लोगों को यह वैक्सीन लगाई गई है, जो इस परीक्षण का हिस्सा बनने के लिए स्वेच्छा से वॉलेंटियर बने हैं। जिन वॉलेंटियर्स को टीका लगाया गया है, उन्हें निगरानी में रखा गया और विशेषज्ञों के मुताबिक, उनपर कोई दुष्प्रभाव या साइड इफेक्ट नहीं हुआ।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
मालूम हो कि वैक्सीन के ट्रायल के लिए आईसीएमआर यानी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा चयनित 12 संस्थानों में से एक आयुर्विज्ञान संस्थान और एसयूएम अस्पताल में Covaxin का ट्रायल शुरू हो गया है। ह्यूमन ट्रायल के प्रमुख अनुसंधानकर्ता डॉ. ई वेंकट राव ने बताया कि वैक्सीन के ट्रायल के लिए आगे आए स्वयंसेवकों को जरूरी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा और फिर उन्हें डीसीजीआई द्वारा तय प्रोटोकॉल के तहत वैक्सीन की डोज दी गई।
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कोवाक्सिन
- फोटो : ट्विटर
- डॉ. ई वेंकट राव ने कहा कि वैक्सीन की डोज लेने वाले स्वयंसेवकों को 14 दिन के अंतराल में दो खुराक दी जाएंगी। अस्पताल में सामुदायिक चिकित्सा विभाग में प्रो. राव के मुताबिक, ह्यूमन ट्रायल के लिए आगे आए लोगों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि लोगों से मिल रही प्रतिक्रिया काफी उत्साहजनक है। बड़ी संख्या में लोग ट्रायल का हिस्सा बनने के लिए आगे आ रहे हैं।
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Covaxin
- फोटो : Social media
- मालूम हो कि Covaxin को आईसीएमआर के पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणुविज्ञान संस्थान (NIV, Pune) की मदद से भारत बायोटेक कंपनी ने विकसित किया है। इस वैक्सीन का वैज्ञानिक नाम BBV152 है, जबकि इसे सामान्य तौर पर Covaxin नाम दिया गया है। इस वैक्सीन के ट्रायल के लिए देश में 12 संस्थानों का चयन किया गया है। कई जगहों पर ट्रायल शुरू हो चुका है, जबकि शेष जगहों पर इसकी प्रक्रिया चल रही है।