कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडीज की आवश्यकताओं के बारे में आप अब तक अच्छी तरीके से जान चुके होंगे। संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर में दो प्रकार से एंटीबॉडीज विकसित हो सकती हैं, पहला- कोरोना के संक्रमण से बनीं प्राकृतिक एंटीबॉडीज और दूसरा- वैक्सीनेशन के बाद शरीर में विकसित एंटीबॉडीज। अध्ययनों में कहा जा रहा है कि यह एंटीबॉडीज कोरोना के संक्रमण से शरीर को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं। वैक्सीनेशन हो जाने के बाद आप कितने सुरक्षित हैं, यानी कि आपके शरीर में एंटीबॉडीज का स्तर कितना है, यह आप भी जानना चाहते होंगे, पर इसका पता कैसे लगाया जाए?
नई तकनीक: कोरोना संक्रमण से कितने सुरक्षित हैं आप? इस टेस्ट की मदद से कुछ ही मिनटों में कर सकेंगे पता
कैसे किया जाएगा परीक्षण?
ब्रिटेन में लुआस डायग्नोस्टिक्स कंपनी ने इस एंटीबॉडी टेस्ट को पेश किया है। विशेषज्ञों का दावा है कि इस टेस्ट किट की मदद से महज कुछ ही मिनटों में आप शरीर में मौजूद कोविड एंटीबॉडीज के स्तर का पता लगा सकेंगे। न्यूयॉर्क के चेम्बियो डायग्नोस्टिक्स सिस्टम द्वारा निर्मित इस टेस्ट किट से एंटीबॉडीज के जांच के लिए उंगली से रक्त की कुछ बूंदे ली जाएंगी, जिसके आधार पर कोरोना वायरस के खिलाफ शरीर में आईजीएम और आईजीजी रिसेप्टर-बाइंडिंग डोमेन (आरबीडी) एंटीबॉडी के स्तर का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
कितने समय में मिलेगा परिणाम?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रक्त में आरबीडी की उपस्थिति के आधार पर ही शरीर में इम्यूनिटी के स्तर का पता लगाया जा सकता है। किट को विकसित करने वाले वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे प्राप्त परिणाम बेहद सटीक होंगे। खास बात यह है कि महज 15 मिनट के भीतर ही इससे परिणाम प्राप्त किया जा सकेगा, कोई भी व्यक्ति कंपनी की वेबसाइट से इस किट को मंगा सकता है। इस किट की कीमत 50 पाउंड ( करीब 5174 रुपए) निर्धारित की गई है। भारत में यह किट कब तक उपलब्ध होगी इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है क्योंकि अभी यह केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मंजूरी का विषय है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सर विलियम डन स्कूल ऑफ पैथोलॉजी में वायरोलॉजी के प्रोफेसर विलियम जेम्स कहते हैं, यह स्पष्ट है कि रक्त में विशिष्ट एंटीबॉडीज का स्तर जितना अधिक होगा, व्यक्ति को कोरोना संक्रमण से उतना ही सुरक्षित माना जा सकता है। इस टेस्ट के माध्यम से आसानी और काफी जल्दी से रक्त परीक्षण के माध्यम से शरीर में एंटीबॉडीज के स्तर का पता लगाया जा सकता है। इससे इस बात का निर्धारण भी आसान हो जाएगा कि किन्हें और कितने समय बाद बूस्टर डोज की आवश्यकता हो सकती है।
वैक्सीनेशन से बनी एंटीबॉडीज रही हैं चर्चा का विषय
वैक्सीनेशन के बाद शरीर में बनीं एंटीबॉडीज कितनी हैं या कितनी प्रभावी हैं, यह लगातार चर्चा का विषय रही हैं। हाल ही में हुए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि उम्रदराज लोगों के शरीर में दोनों डोज के बाद भी एंटीबॉडीज का स्तर कम हो सकता है। वहीं एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ टीकों से बनीं एंटीबॉडीज महज 3 माह के भीतर ही 50 फीसदी से कम हो जाती है। इन अध्ययनों ने लोगों के मन में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं, सभी लोग शरीर में बनी एंटीबॉडीज का स्तर जानना चाहते हैं, यह टेस्ट किट इस दिशा में मददगार हो सकती है।
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स्रोत और संदर्भ:
New test can detect your immunity to COVID-19 post-vaccination - how protected are you?
अस्वीकरण नोट: यह लेख न्यूयॉर्क के चेम्बियो डायग्नोस्टिक्स सिस्टम द्वारा निर्मित टेस्ट किट को लेकर दी गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।