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Coronavirus Origin: 72 साल पहले ही चमगादड़ों में पनपा था कोरोना वायरस, शोधकर्ताओं का चौंकाने वाला दावा

Thu, 30 Jul 2020 11:47 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Thu, 30 Jul 2020 11:47 AM IST
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Covid 19 Research study reveals, Coronavirus was found 72 years ago in bats in 1948
Coronavirus - फोटो : Pixabay/Amar Ujala

देश-दुनिया को बुरी तरह प्रभावित करने वाला कोरोना वायरस का पहला मामला चीन में दिसंबर में आया था। इस वायरस की उत्पत्ति को लेकर वैज्ञानिक और शोधकर्ता कई तरह के दावे कर चुके हैं। पूरी दुनिया इस बात को लेकर सहमत है कि इस वायरस की उत्पत्ति चीन में हुई है। वैज्ञानिक ये भी मानते आ रहे हैं कि यह बिल्कुल नए तरह का वायरस है, इसलिए इसका इलाज ढूंढने में देर हुई। लेकिन हाल ही में आए एक नए शोध अध्ययन में शोधकर्ता यह दावा कर रहे हैं कि कोरोना वायरस 72 साल पहले ही चमगादड़ों में पनपा था। सालों बाद भी इसके नए रूप सामने आते रहे हैं। 

Covid 19 Research study reveals, Coronavirus was found 72 years ago in bats in 1948
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • पेनसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने हालिया शोध अध्ययन के आधार पर दावा किया है कि कोरोना वायरस पहली बार साल 1948 में चमगादड़ों में पनपा था। शोधकर्ताओं का कहना है कि साल 1969 और साल 1982 में भी इसका बदला हुआ रूप सामने आया था। रिसर्च जर्नल ‘नेचर बायोलॉजी’ के हालिया अंक में इस अध्ययन के नतीजे प्रकाशित किए गए हैं।
Covid 19 Research study reveals, Coronavirus was found 72 years ago in bats in 1948
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • शोधकर्ता कोरोना वायरस की उत्पत्ति का रहस्य खंगालने की कोशिशों में जुटे हैं, ताकि वायरस की जेनेटिक संरचना का पता लगाया जा सके। इसके अलावा समय के साथ वायरस में आने वाले बदलावों का अंदाजा लगाया जा सके। मालूम हो कि इससे पूर्व हुए शोध में ऐसा माना गया है कि यह वायरस चमगादड़ों के किसी जानवर में और फिर उस जानवर से इंसानों में आया है। 
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Covid 19 Research study reveals, Coronavirus was found 72 years ago in bats in 1948
चमगादड़ - फोटो : Pixabay
  • पूर्व में हुए कुछ अध्ययनों में चमगादड़ों को इस जानलेवा वायरस का स्रोत बताया गया है, इसलिए उन्होंने इस सार्स-कोव-2 की तुलना चमगादड़ों में पाए जाने वाले इससे मिलते-जुलते वायरस ‘रैटजी-13’ से की। साल 2013 में मिला ‘रैटजी-13’ साल 1969 में सामने आई कोरोना वायरस की एक नस्ल से अलग होकर पनपा था। 
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Covid 19 Research study reveals, Coronavirus was found 72 years ago in bats in 1948
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि ‘रैटजी-13’ और ‘सार्स-कोव-2’ के पूर्वज एक ही हैं। दोनों की जेनेटिक संरचना और शरीर पर हमला करने के तरीके में 96 फीसदी समानताएं हैं।शोधकर्ता ये मानकर चल रहे हैं कि इस विषय पर विस्तृत शोध करने की जरूरत है, ताकि कारगर इलाज ढूंढने में मदद मिल सके।  
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