कोरोना हो या फिर कोई अन्य बीमारी, जब कोई बैक्टीरिया या वायरस हमारे शरीर पर हमला करता है तो हमारी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता उससे लड़ती है। हमारे शरीर की इम्यूनिटी वायरस से मजबूत रही तो हम बीमार नहीं होते हैं और कमजोर हुई तो हम वायरस से संक्रमित हो जाते हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ भी ऐसा ही हो रहा है। तभी डॉक्टर, वैज्ञानिक और अन्य विशेषज्ञ शुरुआत से ही कोरोना से बचाव के लिए इम्यूनिटी बनाए रखने और इसे बढ़ाने की सलाह देते आ रहे हैं। स्वास्थ्य एजेंसियों की मानें तो कोरोना से होने वाली मौत के मामले पहले की अपेक्षा कम हुए हैं। इससे संक्रमित होने वाले लोगों में से महज कुछ फीसदी लोगों की ही मौत हो रही है। लेकिन ये मौतें आखिर हो क्यों रही है?
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Coronavirus Study: कोरोना वायरस से ठीक होने वालों और मरने वालों में बस ये है एक बड़ा अंतर
Fri, 28 Aug 2020 11:42 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Fri, 28 Aug 2020 11:42 PM IST
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Coronavirus: जिंदगी और मौत की बड़ी वजह
- फोटो : Pixabay/Amar Ujala
Immunity
- फोटो : Pixabay
- दरअसल, हर व्यक्ति में बीमारियों से मुकाबला करने की क्षमता अलग-अलग होती है। कोरोना वायरस से लड़ने की क्षमता भी लोगों में अलग-अलग होती है और ये काफी हद तक लोगों की इम्यूनिटी पर निर्भर करता है। हाल ही में आई एक नई रिसर्च स्टडी में कहा गया है कि कोरोना वायरस के मरीजों की जिंदगी और मौत की एक बड़ी वजह इम्यूनिटी हो सकती है। कारण कि हर मरीज का इम्यून सिस्टम अलग-अलग तरीके से काम करता है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- अमेरिका की पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी अस्पताल के शोधकर्ताओं ने यह रिसर्च स्टडी की है। इसमें शोधकर्ताओं ने बताया है कि जब शरीर पर किसी वायरस का हमला होता है, तो हमारा इम्यून सिस्टम इससे निपटने के लिए टी कोशिकाओं का निर्माण करता है। ये टी कोशिकाएं ज्यादातर दो स्वरूपों में तैयार होती हैं। पहला, जो वायरस से बचाने का काम करती है, इन्हें सहायक कोशिकाएं भी कहते हैं। और दूसरा जो वायरस को मारती हैं, जिन्हें किलर कोशिकाएं कहा जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- रिसर्च जर्नल साइंस में प्रकाशित इस शोध अध्ययन के मुताबिक, किलर कोशिकाएं जहरीले केमिकल यानी रसायनों के जरिए वायरस को मारती हैं। लेकिन लेकिन इस काम को वे प्रभावी ढंग से कर सकें, इसके लिए उसे सहायक कोशिकाओं के साथ सही तरीके से समन्वय की जरूरत पड़ती है। यानी सहायक कोशिकाओं की भी इसमें अहम भूमिका होती है।
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- पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी अस्पताल के शोधकर्ताओं के मुताबिक, किलर कोशिकाओं और सहायक कोशिकाओं के समन्वय से ही हमारा शरीर कोरोना वायरस से ठीक तरीके से लड़ पाता है। अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं को कोरोना वायरस से संक्रमित कई गंभीर मरीजों में कोशिकाओं का टीमवर्क नहीं दिखा। ऐसा नहीं हो पाना कई मरीजों की मौत का कारण बना।