पिछले दो हफ्तों से देशभर में तेजी से बढ़ता कोरोना का संक्रमण आम लोगों के साथ स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भी चिंता बढ़ाने वाला है। दिल्ली, महाराष्ट, उत्तर प्रदेश सहित देश के करीब 10 राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से रिपोर्ट किए जा रहे हैं। पिछले 24 घंटे की बात करें तो 2500 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है, साथ ही देशभर में 44 लोगों की मौत संक्रमण के कारण हुई है। रिपोर्ट्स बताते हैं कि कोरोना के ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई राज्यों ने एहतियात के तौर पर फिर से मास्क लगाने को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं।
Covid-19 संकट: जनवरी के बाद पहली बार बिगड़े हालात, बढ़ती R-Value बड़ी चिंता का कारण, जानिए क्या हैं इसके मायने?
दिल्ली-महाराष्ट्र में बिगड़ते हालात
देश के दो राज्यों, दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल दर्ज किया जा रहा है। दिल्ली की आर-वैल्यू जहां दो के आंकड़े को पार कर गई है, वहीं महाराष्ट्र में यह आंकड़ा एक के ऊपर बना हुआ है। महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ प्रदीप व्यास ने बताया कि शनिवार तक राज्य में कोरोनावायरस का आर या वैल्यू एक से नीचे था। हालिया रिपोर्ट्स इसके बढ़ने की ओर संकेत दे रहे हैं।
इस खतरे को ध्यान में रखते हुए राज्य में हर स्तर पर निगरानी और सावधानी बढ़ा दी हई है। सभी लोगों से व्यक्तिगत तौर पर भी संक्रमण से बचाव को लेकर उपाय करते रहने की अपील की जा रही है।
आर-वैल्यू क्या होती है?
मेडिकल की भाषा में आर-वैल्यू, इस बात को इंगित करता है कि एक संक्रमित व्यक्ति, अन्य कितने लोगों को बीमारी दे सकता है। आदर्श रूप से इसका एक से नीचे बना रहना अच्छा माना जाता है, हालांकि देश के अलग-अलग हिस्सों से आर-वैल्यू में बढ़ोतरी को लेकर मिल रही जानकारियां डराने वाली हैं।
पिछले कुछ हफ्तों से देश में संक्रमण का आर-वैल्यू लगातार बढ़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक 5-11 अप्रैल के दौरान जहां देशभर में संक्रमण का आर-वैल्यू 0.93 के करीब था, वहीं 12-18 अप्रैल के बीच यह बढ़कर 1.07 पहुंच गया है।
कोरोना का बढ़ता प्रसार खतरनाक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैश्विक स्तर पर कोरोना के जिस रफ्तार से बढ़ने और लोगों में बीमारी का कारण बनने की सूचनाएं सामने आ रही हैं, इसी बीच भारत में भी उसी तरह के बनते हालात मुश्किलें बढ़ाने वाले हैं। आईआईटी-मद्रास के प्रोफेसर नीलेश एस उपाध्याय और प्रोफेसर एस सुंदर की अध्यक्षता में किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि आने वाले दिनों में कोरोना के कारण स्थिति और भी बिगड़ सकती है। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सभी लोगों को कोविड एप्रोपिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि जनवरी 2022 के बाद यह पहली बार है जब देश में संक्रमण की आर-वैल्यू एक के ऊपर गई है। इससे पहले 16-22 जनवरी के बीच आर-वैल्यू 1.28 थी, यह वही समय था जब देश तीसरी लहर की चपेट में था। कोरोना के एक बार फिर से बढ़ते मामलों के लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स की अधिक संक्रामकता के कारण मामलों में फिर से उछाल देखा जा रहा है।