देश और दुनिया में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच लोगों को कोरोना की एक कारगर और सुरक्षित वैक्सीन का इंतजार है। रूस और चीन ने प्रायोगिक तौर पर लोगों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया है। हालांकि वैश्विक स्तर पर दुनियाभर के देशों ने इन दोनों देशों की वैक्सीन की सफलता को स्वीकार नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर भारत समेत कई देशों में वैक्सीन पर तेजी से काम हो रहा है। भारत की देसी कोरोना वैक्सीन (COVAXIN), जिसे भारत बायोटेक कंपनी आईसीएमआर के सहयोग से बना रही है, वह सफलता के करीब पहुंच गई है। खबरों के मुताबिक, 'COVAXIN' के अंतिम चरण का ट्रायल जल्द ही शुरू हो सकता है।
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Covaxin Update
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भारत बायोटेक कंपनी ने 'COVAXIN' के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए भारतीय दवा नियामक 'ड्रग कंट्रोलर जनरल' से मंजूरी मांगी है। डीसीजीआई(DCGI) ने कंपनी से दूसरे चरण के ट्रायल के डेटा की मांग की है, ताकि परिणाम की समीक्षा करने के बाद तीसरे चरण के ट्रायल की मंजूरी दी जा सके। भारत बायोटेक ने हाल ही में इसके लिए आवेदन किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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अधिकारियों के मुताबिक, हैदराबाद की भारत बायोटेक कंपनी ने बीते दो अक्तूूबर को डीसीजीआई को आवेदन देकर अपने टीके के तीसरे चरण के लिए परीक्षण की अनुमति मांगी है। कंपनी के आवेदन के मुताबिक, अंतिम चरण के इस ट्रायल में 18 साल या उससे अधिक उम्र के 28,500 लोगों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।
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कंपनी के आवेदन के अनुसार, अंतिम चरण का परीक्षण 10 राज्यों के 19 जगहों पर किया जाना है। इन जगहों में मुंबई, दिल्ली, पटना और लखनऊ भी शामिल हैं। खबरों के मुताबिक, 'COVAXIN' के दूसरे चरण का परीक्षण अभी भी चल ही रहा है और कुछ जगहों पर वॉलेंटियर्स को वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने पहले और दूसरे चरण के ट्रायल के अबतक के अंतरिम आंकड़ों के साथ तीसरे चरण के परीक्षण के लिए ‘प्रोटोकॉल’ प्रस्तुत किया है।
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CoronaVirus Vaccine
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केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की विशेषज्ञ समिति(SECS) ने बीते पांच अक्तूबर को आवेदन पर विमर्श किया है। समिति ने अपनी सिफारिश में कहा है कि दूसरे चरण के ट्रायल के प्रतिरक्षा और सुरक्षा संबंधी आंकड़ों के आधार पर उचित खुराक के साथ अध्ययन शुरू किया जाना चाहिए। कंपनी को ऐसे जरूरी आंकड़े प्रस्तुत करने चाहिए।