Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
कोरोना के नए वैरिएंट सी.1.2 ने दुनियाभर के लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसे डेल्टा वैरिएंट से भी अधिक खतरनाक बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह वैरिएंट शरीर में संक्रमण या टीकाकरण से बनी एंटीबॉडी को आसानी से चकमा दे सकता है। खैर, इस मामले में तो डेल्टा वैरिएंट भी कुछ कम नहीं है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए डेल्टा वैरिएंट को ही जिम्मेदार माना जाता है, जिसकी वजह से लाखों लोगों की जान गई। अब चूंकि देशभर में कोरोना के खिलाफ तेजी से टीकाकरण अभियान चल रहे हैं, तो संक्रमण के मामले काफी हद तक कम हो गए हैं, लेकिन खतरा बरकरार है और वो इसलिए कि वैक्सीन लेने के बाद भी काफी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। एक अध्ययन के मुताबिक, दिल्ली में वैक्सीन ले चुका हर चौथा स्वास्थ्यकर्मी दोबारा संक्रमण की चपेट में आया है और इसकी वजह डेल्टा वैरिएंट है।
अलर्ट: कोरोना का सबसे खतरनाक वैरिएंट साबित हो रहा है डेल्टा, वैक्सीन लेने के बाद भी फैल रहा संक्रमण
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, शोधकर्ताओं द्वारा यह अध्ययन मैक्स अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारियों पर किया गया है, जिसकी निगरानी दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी यानी आईजीआईबी के वैज्ञानिक डॉ. शांतनु सेन कर रहे थे। इस अध्ययन में पता चला कि कोरोना का टीका लेने के बाद भी 25 फीसदी से अधिक कर्मचारी संक्रमित हो गए।
हालांकि, भले ही वैक्सीन ले चुके स्वास्थ्यकर्मी दोबारा संक्रमण का शिकार हो रहे हैं, लेकिन यह संक्रमण उनके लिए खतरनाक नहीं साबित हो रहा। अध्ययन के मुताबिक, टीका लगने की वजह से किसी भी कोरोना मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी और न ही किसी स्वास्थ्यकर्मी की मौत हुई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ और डॉक्टर पहले से ही लोगों को आगाह करते रहे हैं कि कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लेने के बाद भी लोगों को विशेष सावधानी रखनी जरूरी है, कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करना है, जैसे मास्क पहनना, सुरक्षित शारीरिक दूरी रखना और हाथ धोना।
मास्क सही से पहनेंगे, तभी बचेंगे
- कई जगहों पर ऐसा देखने में आया है कि लोग सही तरीके से मास्क नहीं पहनते और ऐसे में वे संक्रमण का शिकार हो जाते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि मास्क सही से पहनेंगे, तभी कोरोना से बचेंगे। चूंकि अब डबल मास्किंग को अधिक कारगर बताया जा रहा है, इसलिए कोरोना से बचाव के लिए आपको भी इसका इस्तेमाल करना चाहिए। डबल मास्किंग के लिए पहले सर्जिकल मास्क और फिर उसके ऊपर से एक टाइट फिट कपड़े का मास्क पहनें, लेकिन अगर आपके पास सर्जिकल मास्क नहीं है, तो एक साथ दो कॉटन के मास्क भी पहन सकते हैं।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।