दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और साथ ही वैक्सीन का इंतजार भी। आखिर दुनिया को कब मिलेगी एक सफल वैक्सीन, यह सवाल पिछले कई महीनों से सिर्फ सवाल ही बना हुआ है, जिसका अब तक कोई पुख्ता जवाब नहीं मिल पाया है। हालांकि वैज्ञानिक उम्मीद जरूर जता रहे हैं कि अगले साल यानी 2021 में कोई न कोई वैक्सीन तो मिल ही जाएगी, लेकिन वह दुनियाभर के लोगों को कैसे और कब मिलेगी, यह भी एक बड़ा सवाल है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कोरोना वैक्सीन को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है कि उससे युवाओं की चिंताएं बढ़ सकती हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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दरअसल, सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि एक स्वस्थ और युवा व्यक्ति को कोरोना वैक्सीन के लिए 2022 तक इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि वैक्सीन के लिए पहले वैसे लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं या उच्चतम जोखिम वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि पहले बुजुर्ग और अन्य कमजोर समूहों के टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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स्वामीनाथन ने उम्मीद जताई है कि साल 2021 तक कम से कम एक प्रभावी टीका तो जरूर मिल जाएगा, लेकिन वहह भी केवल सीमित मात्रा में उपलब्ध होगा। इसलिए पहले टीकाकरण की शुरुआत स्वास्थ्य देखभाल करने वाले श्रमिकों और फ्रंट-लाइन श्रमिकों के साथ की जाएगी और उनमें भी जो सबसे अधिक जोखिम में होंगे, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
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पिछले महीने भी सौम्या स्वामीनाथन ने वैक्सीन को लेकर एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि साल 2022 से पहले पर्याप्त मात्रा में कोरोना वैक्सीन का मिल पाना मुश्किल है, जिससे लोग फिर से सामान्य जीवन में लौट सकें। उन्होंने कहा था कि अभी जिन वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं, उनमें कम से कम 12 महीने का वक्त लगेगा।
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हाल ही में देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति को लेकर हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया है कि कोरोना वायरस के कारण 18-25 साल की उम्र के सिर्फ एक फीसदी और 26-44 साल की उम्र के 10 फीसदी लोगों की मौत हुई है। चूंकि कोरोना से मौत का यह आंकड़ा युवाओं में कम तो है, लेकिन कई वैज्ञानिक इस बात को लेकर चिंता जता चुके हैं कि नौजवानों में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है और लापरवाही करके वो संक्रमण को और ज्यादा बढ़ा भी रहे हैं, जिससे अन्य लोगों को परेशानी हो रही है। इसलिए जब तक वैक्सीन सभी लोगों को नहीं मिल जाती है, तब तक इस वायरस से सतर्क रहने की जरूरत है और हाथ धोने, मास्क लगाने जैसे नियमों का पालन जरूरी है।