अमेरिका और ब्रिटेन के बाद कोरोना वैक्सीन पर अब रूस से भी एक अच्छी खबर आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्लिनिकल ट्रायल के दूसरे शुरुआती विश्लेषण में रूस की वैक्सीन स्पूतनिक-वी को कोरोना से लड़ने में 95 फीसदी असरदार पाया गया है। बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन की पहली खुराक देने के 28 दिन बाद इसे 91.4 फीसदी असरदार पाया गया जबकि पहले डोज के 42 दिन बाद यह आंकड़ा बढ़कर 95 फीसदी हो गया। इस वैक्सीन को विकसित करने वाले गमलेया रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबॉयोलॉजी ने यह दावा किया है।
2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस के लोगों को यह वैक्सीन मुफ्त में मिलेगी जबकि दुनिया के अन्य देशों के लिए इसकी कीमत 700 रुपये से कम होगी। रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव का कहना है कि स्पूतनिक-वी की संभावित कीमत दूसरी वैक्सीन के मुकाबले काफी कम है।
3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस की इस कोरोना वैक्सीन को कम तापमान में भी रखा जा सकता है। यह दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान में भी सुरक्षित रहेगी। माना जा रहा है कि इस वैक्सीन की पहली डिलीवरी अगले साल जनवरी में हो जाएगी और जिन देशों ने इस वैक्सीन के लिए समझौता किया है, उन्हें इसकी पहली खेप मार्च 2021 की शुरुआत से मिलने लगेगी।
4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
हाल ही में ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को लेकर भी दावा किया गया है कि कोरोना से लड़ने में यह 70 फीसदी असरदार है। बड़े स्तर पर हुए मानव परीक्षण के नतीजों के आधार पर यह दावा किया गया है। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट इस वैक्सीन को 'कोविशील्ड' नाम से लॉन्च करेगी। इसकी एक डोज की कीमत 500 रुपये होगी।
5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
इससे पहले अमेरिकी की दवा कंपनियों फाइजर और मॉडर्ना ने भी अपनी-अपनी वैक्सीन के 90 फीसदी से ज्यादा असरदार होने का दावा किया था। जहां तक इनकी कीमतों की बात है, तो फाइजर के मुताबिक, उसकी वैक्सीन के एक डोज की कीमत 19.50 डॉलर यानी करीब 1450 रुपये होगी जबकि मॉडर्ना की वैक्सीन की कीमत 25 से 37 डॉलर यानी करीब 1850-2700 रुपये के बीच होगी।