भारत में अब कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या बहुत कम रह गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक कुल एक करोड़ आठ लाख 26 हजार मरीज कोरोना के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं और एक लाख 73 हजार 413 सक्रिय मामले हैं जो कुल संक्रमित मामलों का महज 1.55 फीसदी है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान देश में संक्रमण के 17 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जिससे संक्रमित लोगों की संख्या अब बढ़कर एक करोड़ 11 लाख 56 हजार से अधिक हो गई है। हालांकि यहां महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान भी तेजी से चल रहा है। देश में अब तक एक करोड़ 66 लाख से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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Coronavirus Vaccine: अलग-अलग तापमान वाली जगह पर क्या कोरोना वैक्सीन का असर बदल जाएगा? विशेषज्ञ से जानें
Fri, 05 Mar 2021 07:05 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Fri, 05 Mar 2021 07:05 AM IST
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कोरोना वैक्सीन
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन को लेकर आप क्या कहेंगे?
- दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के डॉ. अनूप कुमार कहते हैं, 'जब कोवैक्सीन को लॉन्च किया गया था तब लोगों में कई तरह की आशंका थी कि इसके तीसरे चरण के ट्रायल नहीं हुए हैं, ये प्रभावी होगी या नहीं। लेकिन पहले और दूसरे चरण के ट्रायल में ही पता लग गया था कि ये प्रभावी भी है और व्यक्ति के अंदर इम्यूनिटी भी बढ़ा रही है। चूंकि, तीसरे चरण का ट्रायल महत्वपूर्ण ट्रायल होता है, इसलिए मंत्रालय की ओर से स्पष्ट कहा गया था कि इसे इमरजेंसी ट्रायल की अनुमति दी गई है। लेकिन जब तीसरा ट्रायल पूरा हुआ, इसमें देखा गया कि ये वैक्सीन 80 प्रतिशत तक कोरोना के खिलाफ प्रभावी है और सुरक्षित भी है। साथ ही फाइजर और मॉडर्ना वैक्सीन, यह उनके बराबर ही है। इसलिए कह सकते हैं कि आत्मनिर्भर भारत में कोवैक्सीन एक बड़ी उपलब्धि है, जिसपर विश्व के कई देशों की भी नजर बनी हुई है।'
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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वैक्सीन को लेकर लोगों से किस तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है?
- डॉ. अनूप कुमार कहते हैं, 'पहले चरण के बाद अब दूसरा चरण चल रहा है, लेकिन इस चरण में एक तरह से आम जनता से सीधा संपर्क हो रहा है और लोग काफी उत्साहित हैं। वैक्सीन लगवाने के लिए लोग खुद सेंटर पर पहुंच रहे हैं। रजिस्ट्रेशन करवाने की भी रफ्तार बढ़ गई है। खासकर पीएम मोदी के वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों के अंदर जो भी संदेह या डर था, वो खत्म हुआ है। लोग अगर इसी तरह जिम्मेदारी समझेंगे, तो जल्द ही कोरोना को हम हरा सकेंगे।'
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क्या अलग-अलग तापमान वाली जगह के कारण वैक्सीन के असर पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
- डॉ. अनूप कुमार कहते हैं, 'भारत में बनी वैक्सीन को रखने के लिए दो से तीन डिग्री तापमान चाहिए होता है। भारत में इसकी व्यवस्था करना आसान है। चाहे राजस्थान हो या कश्मीर, वैक्सीन के असर में कोई अंतर नहीं होगा। जो प्रभाव वैक्सीन से दिल्ली पर होगा, वही असर सभी जगह के लोगों पर भी होगा।'
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किडनी ट्रांसप्लांट या डायलिसिस वाले लोगों को क्या सावधानी रखनी है?
- डॉ. अनूप कुमार कहते हैं, 'जो मरीज किडनी फेल्योर, डायलिसिस पर हैं या किडनी ट्रांसप्लांट के इंतजार में हैं, उनके लिए वैक्सीन बहुत जरूरी है, क्योंकि ऐसे मरीजों की इम्यूनिटी काफी कम होती है। ऐसे लोगों को आगे बढ़कर वैक्सीन लगवानी चाहिए। लेकिन, जिन लोगों ने हाल ही में किडनी ट्रांसप्लांट करवाई है, वो एक महीने के बाद जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं।'