दुनियाभर में कोरोना महामारी संकट के बीच लोगों की बस यही चाहत है कि जल्द से जल्द इसकी कारगर और सुरक्षित वैक्सीन आए। अमेरिका, ब्राजील और ब्रिटेन जैसे देशों की तरह भारत भी इस महामारी से बुरी तरह प्रभावित है। कोरोना की वैक्सीन को लेकर भारत भी कामयाबी के काफी करीब है। हर कोई यह जानना चाहता है कि वैक्सीन कबतक उपलब्ध होगी, उपलब्ध होने पर पहले किन्हें मिलेगी और आखिर उन्हें कबतक लगाई जाएगी। इन तमाम सवालों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सरकार के प्रयासों और टीकाकरण को लेकर योजना की रूपरेखा पर स्थिति स्पष्ट की है। उनके मुताबिक जुलाई तक देश की करीब 18-19 फीसदी आबादी को वैक्सीन लगाए जाने की योजना है।
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डॉक्टर हर्षवर्धन (फाइल फोटो)
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कोरोना को लेकर अपने साप्ताहिक कार्यक्रम संडे संवाद के दौरान डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जुलाई 2021 तक देश के 25 करोड़ लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाए जाने का है। उन्होंने कहा कि सरकार वैक्सीन की 40 से 50 करोड़ खुराक उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है जिसके लिए अभी से योजना बनाई जा रही है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार कोरोना वैक्सीन को लेकर प्रगति की मॉनिटरिंग कर रही है। वैक्सीन से प्राप्त इम्युनिटी डेटा पर भी लगातार सरकार की नजर है। कोरोना के खिलाफ सिंगल डोज वैक्सीन का मिलना ज्यादा अच्छा होगा। लेकिन कई बार सिंगल डोज से जरूरी इम्यूनिटी नहीं मिल पाती। ऐसे में वैक्सीन की दो डोज जरूरी होती है। यानी कि इस लिहाज से 50 करोड़ डोज 25 करोड़ लोगों को सुरक्षा देगी।
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डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि वैक्सीन तैयार होने के बाद, टीकाकरण अभियान के लिए योजना बनाई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय एक फॉर्म तैयार कर रही है। इसमें सभी राज्य ऐसे लोगों की जानकारी देंगे, जिन्हें वैक्सीन की पहले जरूरत है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 के मैनेजमेंट में लगे स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन पहले मिलेगी।
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प्राथमिकता वाले स्वास्थ्यकर्मियों में सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टर्स, नर्सेज, पैरामेडिकल कर्मी, आशा वर्कर्स, सफाई कर्मचारी सहित अन्य लोग भी शामिल होंगे। डॉ. हर्षवर्धन के मुताबिक, इसी महीने यानी अक्तूबर तक इसकी प्लानिंग हो जाएगी। वैक्सीन के स्टोरेज के लिए राज्यों से कोल्ड चेन के अलावा वैक्सीन की स्टोरेज और वितरण प्रबंधन संबंधी डाटा भी मांगा गया है।