फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोविशील्ड या कोवैक्सीन: कौन सा टीका लगवाना है सबसे सुरक्षित? जानिए दोनों के साइड-इफेक्ट्स

Mon, 03 May 2021 01:45 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Mon, 03 May 2021 01:45 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus vaccine in India update covishield covaxin efficacy and side effects
कोवैक्सिन और कोविशील्ड - फोटो : PTI/twitter@seruminstitute

Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik



डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)  


भारत में एक मई से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि अभी कई राज्यों में वैक्सीन की आपूर्ति नहीं हो सकी है, इसलिए टीकाकरण में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि जैसे ही टीका उपलब्ध हो, तो जरूर लगवा लें। फिलहाल भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सीन का ही इस्तेमाल हो रहा है। रूस की 'स्पूतनिक-वी' को भी मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन यह वैक्सीन लगवाने के लिए आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में आइए जानते हैं कोविशील्ड या कोवैक्सीन में से कौन सा टीका लगवाना सबसे सुरक्षित है और दोनों के साइड-इफेक्ट्स क्या-क्या हैं? 

Coronavirus vaccine in India update covishield covaxin efficacy and side effects
Covishield, Vaccine - फोटो : Twitter@AdarPoonawala

कोविशील्ड की खासियत

  • कोविशील्ड एक जेनेटिक वैक्सीन है। इसका विकास चिंपाजी में सर्दी पैदा करने वाले सामान्य वायरस (एडेनोवायरस) के कमजोर संस्करण से किया गया है। जब इसे शरीर में इंजेक्शन के जरिये डाला जाता है तो इससे कोई बीमारी नहीं होती, बल्कि यह प्रतिरक्षा तंत्र को एंटीबॉडी बनाने के लिए प्रेरित करता है और जब कोरोना वायरस का संक्रमण होता है तो एंटीबॉडी को उसपर हमला कर उसे खत्म करने के लिए उकसाता है। 
Coronavirus vaccine in India update covishield covaxin efficacy and side effects
कोवैक्सीन - फोटो : पीटीआई

कोवैक्सीन की खासियत 

  • कोवैक्सीन एक इनएक्टिवेटेड वैक्सीन है, जिसे बीमारी पैदा करने वाले वायरस को निष्क्रिय करके बनाया गया है। यह वैक्सीन लोगों को संक्रमित करने में सक्षम नहीं है, बल्कि यह प्रतिरक्षा तंत्र को असली वायरस को पहचानने के लिए तैयार करता है और संक्रमण होने पर उससे लड़ता है और उसे खत्म करने की कोशिश करता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इस वैक्सीन से कोरोना वायरस को खतरा है, इंसानों को नहीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Coronavirus vaccine in India update covishield covaxin efficacy and side effects
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दोनों वैक्सीन कितनी प्रभावी? 

  • कोविशील्ड की प्रभावकारिता 70 फीसदी है, जिसे एक महीने बाद दूसरी डोज लेने के साथ 90 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है। वहीं कोवैक्सीन की प्रभावकारिता 78 फीसदी है। हाल ही में हुए एक शोध में यह दावा किया गया है कि यह वैक्सीन घातक संक्रमण और मृत्यु दर के जोखिम को 100 फीसदी तक कम कर सकती है। 
विज्ञापन
Coronavirus vaccine in India update covishield covaxin efficacy and side effects
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

कोरोना के नए वैरिएंट्स पर कितनी प्रभावी हैं ये वैक्सीन? 

  • हाल ही में हुए शोध में यह दावा किया गया है कि कोवैक्सिन कोरोना के सभी वैरिएंट्स के खिलाफ कारगर है। वहीं कोविशील्ड वैक्सीन की भारतीय निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भी दावा किया है कि कोविशील्ड को कोरोना के खिलाफ बहुत अधिक प्रभावी पाया गया है। यह नए वैरिएंट के खिलाफ भी अधिक प्रभावी है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed