भारत में अब कोरोना से संक्रमितों की संख्या एक करोड़ चार लाख से अधिक हो गई है जबकि एक लाख 51 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि यहां तेजी से लोग ठीक भी हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, यहां स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या बढ़कर एक करोड़ 56 हजार से अधिक हो गई है और इसी के साथ देश में कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर 96.42 फीसदी हो गई है। सबसे बड़ी बात ये है कि 16 जनवरी से देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण भी शुरू होने जा रहा है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि वैक्सीन और टीकाकरण से जुड़े कुछ सवालों के जवाब...
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Coronavirus Vaccine: वैक्सीन लेने के लिए जो तारीख मिलेगी, उस दिन नहीं पहुंच पाए तो क्या होगा? विशेषज्ञ से जानें
Sun, 10 Jan 2021 02:17 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 10 Jan 2021 02:17 PM IST
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कोरोना वैक्सीन
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
जब देश में स्वस्थ होने वालों की दर 96 फीसदी हो गई है, तो क्या सभी को वैक्सीन लेना जरूरी है?
- दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एन. एन. माथुर बताते हैं, '96 प्रतिशत रिकवरी रेट का मतलब, जितने लोगों की यह बीमारी हुई थी, उनमें 96 प्रतिशत लोग ठीक हो गए हैं। उसका मतलब यह नहीं है कि 96 प्रतिशत लोग इम्यून हो गए हैं या उनके अंदर एंटीबॉडी आ गए हैं। इसलिए वैक्सीन सभी के लिए जरूरी है। कम से कम उतने लोगों को, जितने हर्ड इम्यूनिटी के लिए जरूरी हैं। ज्यादातर लोगों के अंदर एंटीबॉडी विकसित हो जाने तक टीकाकरण जरूरी है।'
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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वैक्सीन के लिए जो तारीख मिलेगी, उस दिन हम नहीं पहुंच पाए तो क्या होगा?
- डॉ. एन. एन. माथुर कहते हैं, 'जब वैक्सीन आएगी, तब सभी को कोविन एप पर पंजीकरण करवाना होगा। वहीं एप के अलावा कैसे पंजीकरण करा सकते हैं, यह भी जिला प्रशासन की ओर से अवगत कराया जाएगा। अगर आप दी गई तिथि पर नहीं पहुंच पाते हैं, तो आपका नंबर फिर कितने दिन बाद आएगा, यह सब सरकार बताएगी। लेकिन हमारी सलाह यह है कि जो तारीख दी जाए, उस पर जरूर पहुंचें, सरकार आपके लिए बहुत मुश्किल काम कर रही है।'
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वैक्सीन की दो डोज क्यों दी जा रही है?
- डॉ. एन. एन. माथुर बताते हैं, 'अभी तक जितनी भी वैक्सीन तैयार की गई हैं, उनका ट्रायल दो डोज के साथ ही किया गया है। तमाम परीक्षणों में यह पता चला है कि वैक्सीन के दो डोज के बाद ही अच्छी मात्रा में एंटीबॉडी विकसित होते हैं। अब हम यह टेस्ट तो करेंगे नहीं कि पहले कितनी मात्रा में एंटीबॉडी थे, वैक्सीन लगाने के बाद कितने हो गए। यह एक प्रोटोकॉल है, जिसके आधार पर हर व्यक्ति को दो डोज लगेंगी। पहली साधारण डोज, दूसरी बूस्टर।'
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वैक्सीन लगवाने के बाद क्या कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो जाएंगे?
- डॉ. एन. एन. माथुर कहते हैं, 'जी हां, बिल्कुल। हम यह मान कर चल रहे हैं कि जिस किसी को भी वैक्सीन दी जाएगी, उसमें कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो जाएंगे। अब कितने प्रतिशत लोगों में होंगे, यह शोध का विषय रहेगा। टीकाकरण के दौरान भी अध्ययन जारी रहेगा। अध्ययन में एकत्र किया जाने वाला डाटा पब्लिक डोमेन में भी आएगा और लोगों को बताया भी जाएगा कि वैक्सीन की एफिकेसी (प्रभावकारिता) कितनी है।'