भारत में कोरोना वायरस के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना के 15 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद यहां कुल संक्रमितों की संख्या एक करोड़ 12 लाख 44 हजार से अधिक हो गई है। हालांकि देश में कोरोना से स्वस्थ होने की दर भी 96.93 फीसदी हो गई है। अब तक एक करोड़ आठ लाख 99 हजार से अधिक लोग स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में अब तक दो करोड़ नौ लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण भी किया जा चुका है। अब इसमें सवाल उठता है कि क्या गर्भवती महिलाएं भी वैक्सीन लगवा रही हैं? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं इस सवाल का जवाब और साथ ही कोरोना काल में उनके अनुभवों के बारे में...
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Coronavirus Vaccine: क्या गर्भवती महिलाएं भी कोरोना वैक्सीन लगवा रही हैं? विशेषज्ञ से जानें
Tue, 09 Mar 2021 08:01 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 09 Mar 2021 08:01 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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क्या गर्भवती महिलाएं भी वैक्सीन लगवा रही हैं?
- डॉ. नीरजा भाटला कहती हैं, 'टीकाकरण अभी फ्रंटलाइन वर्कर्स और हेल्थ वर्कर्स को मिल रहा है, इसमें उम्र की कोई बाध्यता नहीं है। लेकिन अभी 45 साल से ऊपर कोमोरबिडिटी वाले और 60 साल से ऊपर के आयु वालों को वैक्सीन लग रही है। इसमें सामान्य गर्भवती महिलाएं शामिल नहीं हैं और युवाओं को भी अभी शामिल नहीं किया गया है। लेकिन महिला स्वास्थ्य कर्मचारी अगर गर्भवती हैं और कोमोरबिडिटी है, ओवरवेट, डायबिटीज या ब्लड प्रेशर है तो उनके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गाइडलाइन में कहा है कि वो वैक्सीन लगवा सकती हैं।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
कोरोना काल में लोगों की सेवा करते हुए क्या कुछ यादें हैं?
- दिल्ली स्थित एम्स की डॉ. नीरजा भाटला कहती हैं, 'कोरोला काल, सभी वर्ग की महिलाओं के लिए एक तरह से चुनौती भरा रहा, लेकिन इसने स्वास्थ्य कर्मचारियों को ज्यादा प्रभावित किया, क्योंकि उन्हें दोहरी भूमिका निभानी थी। एक ओर परिवार और घर था तो दूसरी कोविड मरीजों की जिम्मेदारी थी, जिसे सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बखूबी निभाया। खासकर जिन महिला डॉक्टरों के छोटे-छोटे बच्चे हैं, आशा कार्यकर्ता, नर्स सभी के लिए एक चुनौती थी, लेकिन सभी ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
बहुत-सी महिलाएं परिवार और घर में उलझ कर खुद की सेहत का ध्यान रहीं रखती हैं, उन्हें क्या कहेंगी?
- डॉ. नीरजा भाटला कहती हैं, 'अक्सर महिलाओं में यह देखा गया है कि वह अपना ख्याल नहीं रखती हैं। उन्हें समझना होगा कि अगर शादी हो गई है तो कोई आपसे नहीं पूछेगा कि आपने खाना खाया है या नहीं। महिला एक सेंट्रल पिलर की तरह होती है, अगर उसे कुछ सेहत से संबंधित परेशानी हुई, तो पूरे परिवार पर असर पड़ता है। इसलिए खुद को स्वस्थ रखेंगी, तभी परिवार का भी ख्याल रख सकती हैं। अपनी जिम्मेदारी खुद लें। साथ ही कोरोना वायरस अभी है तो नियमों का पालन भी करें।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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स्वास्थ्य के क्षेत्र में आने और जाने का कोई निश्चित समय नहीं है, कैसे मैनेज करती हैं?
- डॉ. नीरजा भाटला कहती हैं, 'जी हां, इस पेशे में दूसरे ऑफिस की तरह नहीं है कि फाइल बंद करके काम कल कर सकते हैं। अगर मरीज कभी आधी रात में भी इमरजेंसी में आ गए तो उन्हें वहां मौजूद रहना होता है। ऐसे में महिला अपने सभी काम को जिस तरह से मैनेज करती हैं, वो बहुत कठिन तो होता है, लेकिन नामुमकिन नहीं। एक तरह से महिला-महिलाओं के साथ मिल कर ही एक दूसरे की सहायता करती हैं। इसलिए महिलाओं को सहयोग की जरूरत है, बाकी वो अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी ताकत लगा देती हैं।'