कोरोना वायरस का संक्रमण जिस तेजी से अमेरिका, इटली और ब्रिटेन जैसे देशों में बढ़ा, उसकी अपेक्षा भारत में मामले कम हैं। हालांकि हर दिन संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन कोरोना मरीजों की रिकवरी रेट भी बढ़ी है यानी ठीक होने वालों का आंकड़ा भी पहले की अपेक्षा तेजी से बढ़ रहा है। इस जानलेवा वायरस से जंग में केंद्र और राज्य की सरकारें हर संभव प्रयास कर रही हैं। तमाम जोखिमों के बावजूद पूरा स्वास्थ्य महकमा कोरोना मरीजों के इलाज के लिए सेवारत हैं। इन्हीं प्रयासों का फलाफल है कि अन्य देशों की अपेक्षा भारत की स्थिति थोड़ी बेहतर है। कहा जा रहा है कि कोरोना संक्रमण के ट्रेंड में ऐसे ही सुधार होता रहा तो जल्दी ही संक्रमित होने वाले लोगों से ज्यादा इससे ठीक होने वाले लोगों की संख्या होगी। आइए, आंकड़ों और कुछ उदाहरणों के जरिए इसे समझने की कोशिश करते हैं।
क्या भारत में कमजोर पड़ रहा कोरोना? संक्रमण बढ़ा पर तेजी से ठीक हो रहे हैं लोग
संक्रमितों में से करीब आधे लोग ठीक हुए हैं
- आज से करीब डेढ़ महीने पहले तक कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा करीब 3.3 फीसदी था, जबकि अब यह 2.80 फीसदी के आसपास रह गया है। देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा दो लाख के करीब पहुंच गया है, लेकिन एक्टिव केसों की संख्या एक लाख से थोड़ी ज्यादा है। राहत की बात यह है कि 96 हजार के आसपास लोग ठीक हो चुके हैं।
नोट: ग्राफिक्स में आंकड़े 29 मई तक के हैं।
अन्य देशों के मुकाबले कम मौतें
- कोरोना से दुनियाभर में अबतक 3.78 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में इससे मरनेवालों की संख्या एक लाख पार कर चुकी है, ब्रिटेन में यह आंकड़ा 39 हजार से ज्यादा है, जबकि भारत में करीब दो लाख संक्रमितों में से मरनेवालों की संख्या 5600 से थोड़ी ज्यादा है।
नोट: ग्राफिक्स में आंकड़े 29 मई तक के हैं।
जल्दी ठीक हो रहे हैं लोग
- देश में अभी एक लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं, लेकिन बड़ी संख्या में हर रोज लोग ठीक होकर अस्पतालों से छुट्टी पा रहे हैं। केंद्र सरकार के दिशानिर्देश के मुताबिक, हल्के लक्षणों वाले कोरोना मरीजों को घर में ही होम क्वारंटीन या सेल्फ आइसोलेशन की इजाजत दी गई है। अगर उनमें लक्षण नहीं बढ़ रहे तो 10 दिन के उसे स्वस्थ माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, लोग अपनी इम्यूनिटी की बदौलत खुद भी ठीक हो जा रहे हैं।
नोट: ग्राफिक्स में आंकड़े 29 मई तक के हैं।
देश में टेस्टिंग बढ़ी
- केंद्र सरकार के मुताबिक, देश में पहले की अपेक्षा टेस्टिंग सुविधा बढ़ी है। देश के 676 लैबों में कोरोना की जांच की जा रही है। 472 सरकारी हैं जबकि 204 निजी लैब हैं। अबतक 38 लाख से ज्यादा सैंपल की जांच की जा चुकी है।