डॉ परवेश मलिक
फिजिशियन
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर पहली लहर के मुकाबले काफी लोगों को संक्रमित कर रही है। साथ ही ये वायरस अब तक काफी संख्या में लोगों की जान भी ले चुका है। वहीं, अब तो इस वायरस का खतरा बुजुर्ग और युवाओं के अलावा बच्चों के सिर पर भी मंडरता हुआ नजर आ रहा है। ऐसे में बच्चों को इस वायरस से बचाने के लिए नेजल वैक्सीन यानी नाक की वैक्सीन का दूसरे और तीसरे ट्रायल की टेस्टिंग चल रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नेजल वैक्सीन क्या है और ये कैसे काम करेगी? शायद नहीं, तो चलिए इस बारे में जानते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : istock
क्या है नाक की वैक्सीन?
- दरअसल एक नाक की वैक्सीन को नाक के रास्ते एडमिनिस्टर्ड किया जाता है और इसके लिए सिरिंज की जरूरत भी नहीं होती है। वहीं, बायोटेक कंपनी की मानें तो इस नेजल वैक्सीन की सिर्फ चार बूंदे ही जरूरी होंगी। नाक के दोनों छेदों में इसकी दो-दो बूंदें डाली जाएंगी। वहीं, माना जा रहा है कि ये बच्चों पर काफी असरदार होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कैसे करेगी काम?
- वहीं, बात अगर इसकी करें कि ये वैक्सीन कैसे काम करेगी, तो आपको बता दें कि कोविड-19 के मामले में एक नाक का टीका कथित तौर पर नाक के एयरवेज से शुरू होने वाले रेस्पिरेटरी पैसेज के अंदर संक्रमण की जगह पर एक इम्यूनिटी प्रतिक्रया उत्पन्न करने में सक्षम है। बच्चों के मामले में इसे कोरोना के इंफेक्शन और ट्रांसमिशन को रोकने के लिए जरूरी माना जाता है।
भारत में कहां-कहां बन रहे हैं ये टीके?
- भारत में इस नाक के टीके का निर्माण हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कर रहा है। इसमें वो वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन की मदद ले रहा है, जिससे वो BBV154 नाक का टीका विकसित कर रहा है। कहा जा रहा है कि इसका टेस्टिंग का पहला चरण सफल हुआ था, और वहीं अब इसके दूसरे और तीसरे चरण की टेस्टिंग चल रही है।
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covid 19 vaccine
- फोटो : PTI
बायोटेक के अलावा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी एक अन्य नाक के टीके इंट्रासेल COVI-VAC की प्रभावकारिता की टेस्टिंग कर रहा है। इसमें वो न्यूयॉर्क स्थित वैक्सीन निर्माता कोडजेनिक्स की मदद ले रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि ये टीके जल्द ही सारे क्लिनिकल ट्रायल सफल रूप से पार कर लेंगे, जिसका इंतजार हर किसी को है।