कोरोना वायरस महामारी लगभग काफी लंबे समय से हमारे बीच है, और बात अगर भारत की करें तो यहां अब भी रोजाना लगभग 40 हजार के आसपास कोरोना केस सामाने आ रहे हैं, जो हर किसी की चिंता को बढ़ा रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञ पहले ही कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी जारी कर चुके हैं, और ये लहर भारत में किसी भी समय आ सकती है। ऐसे में हर कोई इन चीजों को लेकर काफी डरा हुआ है। लेकिन हमें एक बात ध्यान देनी है कि कोरोना की वैक्सीन लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक तो इससे कोरोना से बचाव में काफी मदद मिलती है और दूसरा वैक्सीन लेने के बाद देखा गया है कि लोगों का मौत का खतरा और अस्पताल में भर्ती होने का खतरा कम हो गया है। इन सबके बीच खबर है कि अब कोरोना को मात देने के लिए वैक्सीन के बाद पिल्स यानी गोलियां आ सकती हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ।
काम की बात: वैक्सीन के बाद अब आएगी एंटीवायरल पिल्स, जानें कोरोना पर कितनी असरदार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दरअसल, दक्षिण स्वीडन के सबसे बड़े साइंस पार्कों में से एक मेडिकॉन विलेज को लेकर कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि वे एंटीवायरल ओरल पिल्स का उत्पादन कर रही हैं। इससे ये कोरोना के लक्षण और जोखिम दोनों को कम करने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि ये काफी मददगार हो सकती है और इससे लोगों को कोरोना से बचने में काफी मदद मिल सकती है।
क्या है एंटीवायरल पिल्स?
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना की एंटीवायरल दवा को वे लोग ले सकेंगे जो कोरोना पॉजिटीव हैं। इससे लोग घर पर रहते ही ये दवा ले सकेंगे, जो उनके लक्षणों को रोकने में और खराब स्वास्थ्य को ठीक करने में भी मदद करेगी। वहीं, ये हल्के लक्षणों पर ज्यादा असरदार होगी। जहां वैक्सीन शरीर में वायरस के प्रवेश को रोकती है, तो वहीं, एंटीवायरल पिल्स यानी गोलियां वायरस को संक्रमण के बाद कहर बरपाने से भी रोकती हैं।
कैसे वैक्सीन से अलग है?
- इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि जहां एक तरफ कोरोना की वैक्सीन वायरस के खिलाफ सबसे ज्यादा यानी सर्वोत्तम संभव सुरक्षा प्रदान करती है, तो वहीं एंटीवायरल दवा कोरोना के संक्रमण को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकती है।
कब तक आ सकती है?
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंटीवायरल दवा को इस साल ही बाजार में लाया जा सकता है। वहीं, अमेरिकी रसायन कंपनी मर्क पहली ही ओरल एंटीवायरल दवा मोलनुपिरवीर के लिए एफडीए की मंजूरी ले चुकी है। जबकि दूसरी तरफ जापान की फार्मा कंपनी ने भी हाल ही में वन-ए-डे पिल पर अपना क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिया है। हालांकि, ये अभी शुरूआती दौर में है। ऐसे में इसे आने में समय लग सकता है।
नोट: यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।