फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Coronavirus के खिलाफ बड़ी कामयाबी, सुपर कंप्यूटर ने संक्रमण रोकने वाले 77 रसायनों की पहचान की

Sun, 22 Mar 2020 11:28 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Sun, 22 Mar 2020 11:28 AM IST
विज्ञापन
Coronavirus treatment super computer recognizes chemicals help to make vaccine to prevent covid 19
वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस का तोड़ ढूंढने के लिए सुपर कंप्यूटर की मदद ली है - फोटो : PTI

चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस की चपेट में भारत समेत दुनियाभर के लाखों लोग हैं। इसके वैक्सीन से लेकर इसका इलाज ढूंढे जाने को लेकर दुनियाभर के कई देशों में रिसर्च हो रहे हैं। अमेरिका में जहां इसके वैक्सीन का मानव शरीर पर परीक्षण हो चुका है, वहीं भारत में दवा कंपनी सिप्ला ने छह महीने में इसकी दवा बनाने का दावा किया है। कोरोना वायरस के स्ट्रेन को अलग करने में भी भारत और चीन समेत अन्य देशों ने सफलता पाई है। लेकिन दुनियाभर के वैज्ञानिकों और चिकित्सकों के लिए चुनौती यही है कि कोरोना वायरस जिस तेज रफ्तार से फैल रहा है, उससे ज्यादा रफ्तार से रिसर्च करनी होगी, ताकि इस वायरस का तोड़ पता चल सके। इस दिशा में वैज्ञानिक काम भी कर रहे हैं। 

Coronavirus treatment super computer recognizes chemicals help to make vaccine to prevent covid 19
research

दरअसल, वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस का तोड़ ढूंढने के लिए सुपर कंप्यूटर की मदद ली है। दुनिया के सबसे तेज सुपर कंप्यूटर समित की मदद से वैज्ञानिकों ने दवा के 77 ऐसे कंपाउंड्स यानी रसायन की पहचान की है, जो कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में सक्षम हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन बनाने में मदद मिल सकती है। 

Coronavirus treatment super computer recognizes chemicals help to make vaccine to prevent covid 19
research

एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड इस सुपर कम्प्यूटर ने जिन 77 केमिकल की पहचान की है, वे कोरोना वायरस को शरीर की अन्य कोशिकाओं में फैलने से रोकते हैं। ऑक रिज नेशनल लैबोरेट्री ने प्रकाशित एक हेल्थ जर्नल में दावा किया है कि इससे कोरोना वायरस के संक्रमण में तत्काल राहत देने वाली दवा बनाने में मदद मिलेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Coronavirus treatment super computer recognizes chemicals help to make vaccine to prevent covid 19
Research - फोटो : अमर उजाला

अमेरिका के टेनिसी स्थित ओक नेशनल लैबोरेट्री के मुताबिक कोरोना वायरस पहले मानव शरीर की बाहरी कोशिकाओं को प्रभावित करते हैं। सुपर कंप्यूटर समिट का काम ऐसी कोशिकाओं की पहचान करना है और फिर दवा से वायरस के फैलने को रोकना है। ओक रिज रिसर्चर मिकोलस स्मिथ के मुताबिक उन्होंने कोरोना वायरस की पहचान करने वाला मॉडल तैयार किया है। जनवरी में बनाया गया यह मॉडल बताता है कि कैसे अणु और दूसरे कण दवा के साथ प्रतिक्रिया करते हैं। 

विज्ञापन
Coronavirus treatment super computer recognizes chemicals help to make vaccine to prevent covid 19
कोरोनावायरस - फोटो : पीटीआई

सुपर कम्प्यूटर ने ऐसे कंपाउंड की पहचान की है, जो प्रोटीन वायरस को रोकते हैं। यह संक्रमित कोशिकाओं को भी रोकने में सक्षम हैं। मालूम हो कि दुनिया की समस्याओं को सुलझाने के लिए ही सुपर कंप्यूटर समिट का निर्माण किया गया है। अमेरिका के ऊर्जा विभाग ने साल 2014 में समिट पर काम शुरू किया था। यह सुपर कंप्यूटर 200 पेटाफ्लॉप की गणना कर सकता है। यह सबसे तेज लैपटॉप से 10 लाख गुना ज्यादा पॉवरफुल है। अब रिसर्चरों की टीम दोबारा समिट पर इन 77 कंपाउंड की जांच करेगी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed