कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई रखने और भीड़भाड़ वाली जगह से बचने के लिए कहा जा रहा है। इसके साथ ही वैसी सतहों को छूने से भी मना किया जा रहा है, जहां से कोरोना के संक्रमण होने की आशंका है। जैसे बस, मेट्रो या सार्वजनिक जगहों पर हैंडल, हैंडरेल वगैरह छूने से बचने को कहा जा रहा है या फिर छूने पर हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करने को कहा जा रहा है। किसी भी ऐसी सार्वजनिक सतहों को छूने के बाद चेहरे को हाथ नहीं लगाना चाहिए। इन चीजों के अलावा यह भी कहा जा रहा है कि हमें बार-बार नोट भी नहीं छूना चाहिए।
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भारतीय करेंसी नोट
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वित्त मंत्रालय ने लोगों को बार-बार करेंसी यानी नोट छूने से बचने का सुझाव दिया है। कहा जा रहा है कि नोटों के द्वारा भी कोरोना वायरस के फैलने का खतरा है। ऐसे में वित्त मंत्रालय ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की बात कही है। दरअसल, नोट कई लोगों के हाथों से गुजर कर हमारे पास पहुंचता है। ऐसे में अगर किसी संक्रमित व्यक्ति के पास से होते हुए हमारे पास आने वाला नोट हमें संक्रमित कर सकता है।
सरकार ने बैंकों से कहा है कि वह ग्राहकों को कैश की जगह यूपीआई, एनईएफटी, मोबाइल बैंकिंग, डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स जैसे डिजिटल पेमेंट्स के लिए प्रेरित करें ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरे को टालने में और मदद मिले। वित्त मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कैश यानी कि नोट कोरोना वायरस के फैलने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है, इसलिए बैंकों को सुझाव दिया गया है कि वो मीडिया, सोशल मीडिया, ईमेल और एसएमएस जैसे माध्यमों से लोगों को जागरूक करने का अभियान छेड़ें।
मंत्रालय ने कहा कि बैंकों को बताना चाहिए कि मौजूदा हालात में स्वास्थ्य की दृष्टि से डिजिटल पेमेंट्स के बहुत से फायदे हो सकते हैं। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी बैंकों से डिजिटल भुगतान के उपयोग को प्रोत्साहित करने को कहा था।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि ग्राहकों को बैंक शाखाओं, एटीएम जैसी जगहों पर बैनर-पोस्टर लगाकर भी जागरूक किया जाए। इसके अलावा, सरकार ने बैंक कर्मियों और ग्राहक सेवादाताओं को ग्राहकों के लिए सैनिटेशन की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा। ऐसा इसलिए ताकि आधार से संचालित पेमेंट सिस्टम के लिए बायोमीट्रिक रीडर और एटीएम जैसे उपकरणों को छूने पर संक्रमण का खतरा नहीं रहे।