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Coronavirus: कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर भी लोग हो सकते हैं संक्रमित, विशेषज्ञों का दावा

Fri, 10 Jul 2020 11:11 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Fri, 10 Jul 2020 11:11 AM IST
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Coronavirus Test false Negative patient may suffer from covid 19 infection even after report is negative
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कोरोना वायरस के वैक्सीन की खोज लगातार जारी है, लेकिन साथ ही इसको लेकर समय-समय पर तरह-तरह की चौंकाने वाली रिपोर्ट्स भी सामने आ रही हैं। अब इस महामारी के मामले में एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि कोरोना वायरस की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर भी लोग इससे संक्रमित हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती एक मरीज की जांच की गई, जिसमें यह चौंकाने वाली बात पता चली। अब विशेषज्ञों के आगे यह एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि ये कैसे संभव हुआ? आइए जानते हैं आखिर कैसे पता चला कि मरीज कोरोना से संक्रमित है जबकि उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी? 

Coronavirus Test false Negative patient may suffer from covid 19 infection even after report is negative
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक 80 साल के मरीज में कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई दिए थे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसका कोरोना टेस्ट किया, लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव आई। इसके बाद डॉक्टरों ने एक नहीं बल्कि तीन बार और उसका कोरोना टेस्ट किया, जिससे यह पता चल सके कि वह कोरोना वायरस से ही संक्रमित है या नहीं, लेकिन हर बार उस मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव ही आई। हालांकि डॉक्टरों को उसमें कोरोना के लक्षण साफ दिखाई दे रहे थे। 

Coronavirus Test false Negative patient may suffer from covid 19 infection even after report is negative
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

जब डॉक्टर कोरोना का टेस्ट करके हार गए तो उन्होंने संक्रमण का पता लगाने के लिए मरीज के शरीर में कोरोना एंटीबॉडीज की जांच की। यह जांच पहले हुए जांच से बिल्कुल अलग थी और चौंकाने वाली भी। मरीज के शरीर में कोरोना की एंटीबॉडीज पाई गई। अब डॉक्टर सोच में पड़ गए कि जब जांच में कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी तो मरीज के शरीर में कोरोना की एंटीबॉडीज कैसे आ गई? 

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Coronavirus Test false Negative patient may suffer from covid 19 infection even after report is negative
मास्क लगाए एक बुजुर्ग (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

हालांकि इलाज के बाद जब मरीज में कोरोना के लक्षण दिखने बंद हो गए तो उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। लेकिन मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद उसके शरीर में कोरोना की एंटीबॉडीज मिलने से विशेषज्ञों के लिए कई तरह के सवाल खड़े हो गए, क्योंकि उस मरीज के कोरोना संक्रमण की जांच आरटी-पीसीआर टेस्ट के आधार पर की गई थी और फिलहाल विशेषज्ञ इस टेस्ट को दुनिया के सबसे अधिक भरोसेमंद कोरोना टेस्ट के तौर पर मान रहे हैं। 

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Coronavirus Test false Negative patient may suffer from covid 19 infection even after report is negative
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

क्या है एंटीबॉडीज? 

दरअसल, एंटीबॉडीज  इम्यून सेल्स यानी रोग प्रतिरोधक कोशिकाएं होती हैं, जो इंसान के शरीर में किसी भी वायरस या संक्रमण को बढ़ने से रोकती हैं। असल में जब कोई वायरस हमारे शरीर में घुस जाता है तो हमारा शरीर पहले उसकी जांच करता है और उसके बाद उसे मारने के लिए एंटीबॉडीज बनाता है।  

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