पूरी दुनिया में करोड़ों लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। अब तक इसके संक्रमण से दुनियाभर में छह लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक सामने आई रिपोर्ट्स में यह खुलासा हो चुका है कि यह वायरस उन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है, जो पहले से ही किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं। लगातार अपना रूप बदलकर लोगों को मौत के घाट उतारने वाले इस वायरस को लेकर अब एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। वैज्ञानिकों का दावा है कि गंजेपन के शिकार लोगों के लिए कोरोना वायरस और भी ज्यादा जानलेवा है। आइए जानते हैं किस आधार पर यह रिपोर्ट बनाई गई है और बाल झड़ने की समस्या झेल रहे लोग आखिर किस तरह कोरोना से बचाव कर सकते हैं?
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- फोटो : Pixabay
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गंजेपन के शिकार लोगों में कोरोना संक्रमण के खतरे की संभावना 40 फीसदी तक हो सकती है। इस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिकों ने ब्रिटेन के अस्पताल में भर्ती 2000 मरीजों की जांच की। इस जांच में यह सामने आया है कि बाल झड़ने की समस्या झेल रहा हर पांचवां व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है जबकि यह समस्या ना झेल रहे 15 फीसदी लोग ही पॉजिटिव पाए गए।
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गंजेपन के शिकार लोगों पर यह रिपोर्ट वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने तैयार की है, जिसे 'अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्माटालॉजी' में प्रकाशित किया गया है। शोध के लिए वैज्ञानिकों ने चार अलग-अलग ग्रुप बनाए थे। इसमें पहले ग्रुप में उन लोगों को रखा गया था, जो गंजेपन के शिकार नहीं थे। फिर दूसरे ग्रुप में वैसे लोगों को, जिनको बाल झड़ने की मामूली समस्या थी जबकि तीसरे ग्रुप में बाल झड़ने की थोड़ी और ज्यादा समस्या वाले लोगों को और चौथे ग्रुप में गंभीर रूप से बाल झड़ने की समस्या झेल रहे लोगों को रखा गया था।
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शोध का परिणाम यह निकला कि पहले ग्रुप में 15 फीसदी लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए जबकि दूसरे ग्रुप में 17 फीसदी लोग। इसी तरह तीसरे ग्रुप में 18 फीसदी लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए जबकि चौथे ग्रुप में 20 फीसदी से भी ज्यादा लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
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शोध के परिणामों के आधार पर डॉ. माइकल कोलोड्नी और उनके सहयोगी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि गंजेपन के शिकार लोगों में कोरोना के खतरे की संभावना 40 फीसदी तक हो सकती है। इसके पीछे उनका तर्क ये है कि हार्मोन की समस्या के चलते ही कोरोना वायरस कोशिकाओं में प्रवेश करता है और व्यक्ति को संक्रमित कर देता है।