कोरोना वायरस की चपेट में दुनिया के 168 देश हैं और अब तक इससे संक्रमित लोगों की संख्या तीन लाख से ज्यादा हो चुकी है। दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 11 हजार के पार है। जिस तेजी से मामले बढ़ रहे हैं, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत कोरोना वायरस का अगला सबसे बड़ा शिकार हो सकता है।
#LadengeCoronaSe: कोरोना वायरस की सुनामी से निपटने के लिए कितना तैयार है भारत?
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डॉ. लक्ष्मीनारायण का मानना है कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले और तेजी से बढ़ेंगे। साथ ही ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि बाकी दुनिया के मुकाबले भारत में इसका असर कम हो सकता है।
हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने की भारत सरकार की कोशिशों की तारीफ की है। डब्लूएचओ के प्रतिनिधि हैंक बेकेडम ने कहा, "इस मामले में भारत सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया शानदार रही है और मैं इससे काफी प्रभावित हूं। यही वजह है कि भारत अभी दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है।"
बढ़ सकती है मरीजों की संख्या?
डॉ. रामानन लक्ष्मीनारायण ने कहा, "हो सकता है हम बाकी देशों की तुलना में थोड़ा पीछे चल रहे हों, लेकिन स्पेन और चीन में जैसे हालात रहे हैं, जितनी बड़ी संख्या में वहां लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं, वैसे ही हालात यहां बनेंगे और कुछ हफ़्तों में हमें कोरोना की सुनामी के लिए तैयार रहना चाहिए।"
कोरोना वायरस संक्रमण के मामले भारत में फिलहाल काफी कम हैं। जिस वक्त दुनिया के ज्यादातर देश बुरी तरह कोरोना की चपेट में है, भारत में इसके मामले कम क्यों सामने आए हैं? इस सवाल के जवाब में डॉ. रामानन लक्ष्मीनारायण ने कहा कि अगर हम ज्यादा लोगों का टेस्ट करते तो संभव है कि और अधिक मामले अब तक सामने आ चुके होते लेकिन भारत ही नहीं सारी दुनिया में कोरोना टेस्ट बहुत कम ही हो रहा है।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है आने वाले दो से तीन दिनों में जब ज्यादा लोगों के टेस्ट होंगे तो मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी। ये संख्या हजार के पार भी जा सकती है इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए। भारत में ऐसे संक्रमण का फैलना बेहद आसान है और इसकी वजह यहां का जनसंख्या घनत्व है, जैसा कि चीन के साथ हुआ है।"
उन्होंने आशंका जताई है कि कोरोना वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन अब तेजी से बढ़ रहा है और हर एक पॉजिटिव केस दो नए केस बढ़ा रहा है।
कितने लोग संक्रमित हो सकते हैं?
कम्युनिटी ट्रांसमिशन संक्रमण फैलने का तीसरा और थोड़ा खतरनाक स्तर है। कम्युनिटी ट्रांसमिशन तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी ज्ञात संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए बिना या वायरस से संक्रमित देश की यात्रा किए बिना ही इसका शिकार हो जाता है।
भारत में अब तक अधिकतर उन्हीं लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट कराया गया है जो विदेश से लौटे हैं या विदेश से आए किसी व्यक्ति के संपर्क में आए हैं। लेकिन जब किसी को यह मालूम ही न हो कि वो कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है और उसके जरिए कोरोना का संक्रमण दूसरे कई लोगों तक फैल गया तो चिंताएं बढ़ेंगी।
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कितने संभावित मामले सामने आ सकते हैं, इस सवाल पर डॉ। रामानन कहते हैं कि अमरीका और ब्रिटेन में 50 से 60 फीसदी लोग संक्रमण की चपेट में होंगे ऐसे ही आकलन करें और कम से कम आंकड़ों की बात करें तो भारत में करीब 20 फीसदी आबादी वायरस की चपेट में आएगी। लेकिन यह आंकड़ा कम नहीं है। 20 फीसदी आबादी का मतलब है करीब 30 करोड़ लोग इसकी जद में आएंगे।