Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
देश में कोरोना संक्रमण का खतरा बरकरार है। अभी भी रोजाना 50 हजार के करीब मामले सामने आ रहे हैं। वही दुनियाभर में टीकाकरण की रफ्तार भी धीमी पड़ी है, कई जगहों पर कोरोना नियमों में ढील दी गई है और लोग मास्क पहनने में भी लापरवाही कर रहे हैं, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसको लेकर हाल ही में चेतावनी दी थी, क्योंकि ऐसी लापरवाहियों से कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टा प्लस अधिक घातक सिद्ध हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कोरोना से बचने के लिए हर किसी को मास्क पहनना अनिवार्य है। हालांकि इस बात 'डबल मास्किंग' पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। दरअसल, 'डबल मास्किंग' का मतलब होता है एक साथ दो मास्क पहनना। लेकिन कौन से दो मास्क लगाएं, ये जानना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि बाजार में तो कई तरह के मास्क मौजूद हैं, जैसे सर्जिकल मास्क, कॉटन मास्क, एन-95 मास्क आदि। आइए जानते हैं इसके बारे में...
कोरोना से ऐसे होगा बचाव: 'डबल मास्किंग' जरूरी, सर्जिकल मास्क दोबारा कर सकते हैं इस्तेमाल, जानिए तरीका
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पिछले महीने ही ट्वीट के माध्यम से डबल मास्किंग का सही तरीका बताया था। मंत्रालय के मुताबिक, डबल मास्किंग के लिए पहले सर्जिकल मास्क और फिर उसके ऊपर से एक टाइट फिट कपड़े का मास्क पहनना चाहिए। लेकिन अगर किसी के पास सर्जिकल मास्क नहीं है, तो वे एक साथ दो कॉटन के मास्क भी पहन सकते हैं।
क्या सर्जिकल मास्क का दोबारा कर सकते हैं इस्तेमाल?
- विशेषज्ञ कहते हैं कि सर्जिकल मास्क को धोकर दोबारा इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं, लेकिन अन्य तरीके अपनाकर इसका इस्तेमाल कम से कम पांच बार किया जा सकता है। डबल मास्किंग में इस्तेमाल करने के बाद सर्जिकल मास्क को सात दिन के लिए किसी सूखी जगह पर रखें और उसे धूप जरूर दिखाएं। सात दिन के बाद आप उसका इस्तेमाल दोबारा कर सकते हैं।
कागज के लिफाफे में सर्जिकल मास्क को रखना सही
- द लैंसेट नामक पत्रिका में प्रकाशित एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, अगर लगातार सात दिनों तक सर्जिकल मास्क को किसी पेपर में लपेट कर रख दिया जाए, तो उससे कोरोना संक्रमण का खतरा महज 0.1 फीसदी रह जाता है। इसलिए ध्यान रखें कि इतने दिन के बाद ही सर्जिकल मास्क का दोबारा इस्तेमाल करें और साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि अगर आपने सर्जिकल मास्क को डबल मास्किंग में इस्तेमाल न करके सिर्फ सिंगल मास्किंग के लिए इस्तेमाल किया है, तो उसका दोबारा इस्तेमाल न करें।
इन जगहों पर जरूरी है डबल मास्किंग
- भीड़-भाड़ वाली जगह पर
- अस्पताल में
- बस या ट्रेन से यात्रा करते समय
- ऐसी जगह पर, जहां सुरक्षित शारीरिक दूरी संभव न हो
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।