देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 19 करोड 60 लाख से अधिक कोविड टीके लगाए जा चुके हैं। टीका लेने वालों में महिलाएं और पुरुष, दोनों शामिल हैं और टीकाकरण अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक मैसेज आजकल खूब वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कोरोना वैक्सीन महिलाओं और पुरुषों में संतानहीनता का कारण हो सकती है। आइए जानते हैं इस वायरल मैसेज की सच्चाई क्या है?
फैक्ट चेक: कोरोना वैक्सीन महिलाओं और पुरुषों में हो सकती है संतानहीनता का कारण, जानिए सच्चाई
पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल मैसेज की सच्चाई बताई है। पीआईबी ने लिखा है, 'कई फर्जी खबरों/संदेशों के जरिये कोविड टीकाकरण से जुड़े भ्रम फैलाए जा रहे हैं, इनमें से एक भ्रम यह है कि वैक्सीन महिलाओं व पुरुषों में संतानहीनता का कारण हो सकती है!'
पीआईबी का कहना है कि कोरोना वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है, इससे संतानहीनता होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। पीआईबी ने आगाह किया है कि कृपया ऐसी अफवाहों या सूचनाओं से सावधान रहें और टीकाकरण जरूर कराएं।
कई फर्जी खबरों/संदेशों के ज़रिए #कोविड टीकाकरण से जुड़े भ्रम फैलाए जा रहे हैं, इनमें से एक भ्रम यह है कि वैक्सीन महिलाओं व पुरुषों में संतानहीनता(infertility) का कारण हो सकती है!#PIBFactree
यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है व इससे संतानहीनता होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। pic.twitter.com/gVMShYYBqJ
इससे पहले जनवरी में भी सोशल मीडिया पर अफवाहों वाली एक पर्ची वायरल हुई थी, जिसमें हिदायत दी गई थी कि किन-किन स्थितियों में टीका नहीं लगवाना है। उस पर्चे में लिखा था-
- अविवाहित युवतियां टीके से दूर रहें (विवाह बाद संतानहीनता)
- बच्चों को इससे दूर रखें (भविष्य में अनेक बीमारियां संभव)
- जिन्हें कभी निमोनिया, अस्थमा या ब्रोंकाईटीज जैसे श्वसन तंत्र संबंधी बीमारियां थीं (साइड इफेक्ट में मौत संभव)
- शराब, सिगरेट, तंबाकू का सेवन करने वाले (कैंसर की संभावना)
- मानसिक व न्यूरल समस्याओं के मरीज (बीमारी बढ़ सकती है)
- डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न लगवाएं (हल्के साइड इफेक्ट में भी मौत संभव)
इन अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर मन में कोई शंका है तो बेहतर होगा कि आप टीका लगवाने से पहले स्वास्थ्यकर्मियों या डॉक्टरों से सलाह लें।