कोरोना वायरस संक्रमण का आंकड़ा हर दिन बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में मरीज इससे ठीक भी हो रहे हैं। लेकिन इस महामारी से उबरने के बावजूद लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। इस संबंध में हाल ही में हुए एक शोध अध्ययन के मुताबिक, कोरोना से उबरे 10 में से एक मरीज इसके साइडइफेक्ट से जूझ रहा है। कोरोना के इलाज के बाद लोगों में कमजोरी, थकान, एकाग्रता की कमी, गंध और स्वाद का पता नहीं चल पाने जैसी समस्याएं हो रही है। दक्षिण कोरिया में 965 मरीजों पर हुए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है।
2 of 5
Coronavirus
- फोटो : iStock
शोधकर्ताओं ने कोरोना से उबरने वाले 965 मरीजों पर ऑनलाइन स्टडी की। दक्षिण कोरिया के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अधिकारी क्वॉन जून-वूक के मुताबिक, 91.1 फीसदी मरीजों में साइडइफेक्ट दिख रहे हैं। मरीजों को कोरोना से ठीक होने के बावजूद तरह-तरह की समस्याएं हो रही हैं।
3 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
पढ़ने में नहीं लग रहा मन
- इस शोध अध्ययन के मुताबिक, 26.2 फीसदी मरीजों को कोरोना से उबरने के बाद पढ़ने में मन नहीं लग रहा। वे रीडिंग पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं और उनकी एकाग्रता में कमी महसूस हो रही है। बहुत सारे मरीज गंध या स्वाद का पता नहीं चल पाने और दिमाग पर नकारात्मक असर पड़ने से परेशान हैं।
4 of 5
ऑनलाइन सर्वे
- फोटो : Pexels
क्यूंगपूक नेशनल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर किन शिन-वू ने कोरोना से उबरे 965 मरीजों के साथ ऑनलाइन सर्वे किया, जिसमें ये बातें सामने आईं। प्रो. क्वॉन के मुताबिक, यह अध्ययन पूरी तरह ऑनलाइन किया गया था। जल्द ही इसका और अच्छे से विश्लेषण करने के बाद इसे प्रकाशित किया जाएगा।
5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
मालूम हो कि दक्षिण कोरिया 16 संस्थानों के साथ मिलकर एक और शोध अध्ययन कर रहा है, जिसमें मरीजों में दिख रहे साइडइफेक्ट को विस्तार से समझने की कोशिश की जा रही है। इसमें मरीजों का सीटी स्कैन भी किया जा रहा है। मालूम हो कि दक्षिण कोरिया में अबतक 23 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।