दुनियाभर में अब तक करोड़ों लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिनमें स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। हालांकि इसको लेकर लगातार रिसर्च भी चल भी रहे हैं। अब एक नए अध्ययन में यह पाया गया है कि फाइजर या मॉडर्ना की वैक्सीन लगवाने के बाद स्तनपान कराने वाली माताओं में एक समान और सामान्य दुष्प्रभाव देखने को मिले और वो भी ऐसे दुष्प्रभाव, जो पहले गैर-स्तनपान कराने वाली महिलाओं में रिपोर्ट किए गए थे, जबकि टीकाकरण के बाद उनके शिशुओं में कोई भी प्रतिकूल घटना देखने को नहीं मिली। ब्रेस्टफीडिंग मेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित इस शोध में 180 स्तनपान कराने वाली महिलाओं को शामिल किया गया था, जिन्हें फाइजर-बायोएनटेक या मॉडर्ना वैक्सीन की दोनों खुराकें दी गई थीं। इनमें से 85 फीसदी महिलाओं में वैक्सीन लेने के बाद अस्थायी लक्षण देखने को मिले, जिसमें इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, लालिमा, सूजन या खुजली, ठंड लगना, बुखार, मांसपेशियों या शरीर में दर्द और उल्टी आदि शामिल हैं।
अध्ययन में दावा: स्तनपान कराने वाली महिलाएं जरूर लें वैक्सीन, नहीं होता कोई गंभीर साइड-इफेक्ट
अमेरिका में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (यूसी) के सैन डिएगो स्कूल ऑफ मेडिसिन में प्रोफेसर क्रिस्टीना चेम्बर्स ने कहा, 'एक मां के लिए सबसे पहली चिंता उसके बच्चे की सुरक्षा होती है और हमारा अध्ययन यह सुझाव देता है कि फाइजर और मॉडर्ना के टीके स्तनपान कराने वाली माताओं और उनके शिशुओं के लिए खतरे की घंटी नहीं हैं।'
शोधकर्ताओं के मुताबिक, मॉडर्ना वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने वाली महिलाओं में लक्षणों को रिपोर्ट करने की संभावना काफी अधिक थी। इसके अलावा उनका यह भी कहना है कि मॉडर्ना की दूसरी खुराक के बाद कई महिलाओं ने दूध की आपूर्ति में कमी की सूचना दी।
प्रोफेसर क्रिस्टीना चेम्बर्स ने कहा, 'हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि दूध की आपूर्ति में कमी महिलाओं के एक छोटे से समूह में थी और टीकाकरण के 72 घंटों के भीतर यह समस्या पूरी तरह से खत्म भी हो गई। हालांकि हम यह पक्का नहीं कह सकते हैं कि दूध की आपूर्ति में कमी वैक्सीन की वजह से थी या किसी अन्य अज्ञात कारक का दुष्प्रभाव था।'
उन्होंने आगे कहा, 'हम जो बात अच्छी तरह से जानते हैं, वह यह है कि वैक्सीन कोविड-19 से सुरक्षा प्रदान करने में अविश्वसनीय रूप से प्रभावी है, जो संभावित दीर्घकालिक दुष्प्रभावों के साथ एक विनाशकारी और गंभीर वायरस साबित हुआ है।'
शोधकर्ताओं का कहना है कि कुछ स्तनपान करने वाले बच्चों में चिड़चिड़ापन और खराब नींद की सूचना मिली, लेकिन कोई गंभीर प्रतिकूल घटना नहीं हुई। प्रोफेसर क्रिस्टीना चेम्बर्स ने कहा, 'हम स्तनपान के कई फायदों के बारे में जानते हैं। मां का दूध शिशुओं को पोषक तत्वों की प्रचुरता प्रदान करता है, जो मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली से लेकर मोटापे की कम दर और अन्य स्थितियों और बीमारियों तक कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं।'
उन्होंने कहा, 'हमारे अध्ययन के परिणाम यह दिखाते हैं कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं को बेझिझक कोरोना वैक्सीन लेना चाहिए और अपने शिशुओं को स्तनपान जरूर कराना चाहिए। उन्हें एक को दूसरे के ऊपर चुनने की जरूरत नहीं है। दोनों ही जरूरी हैं।'
स्रोत और संदर्भ:
Breastfeeding Medicine
https://home.liebertpub.com/publications/breastfeeding-medicine/173
अस्वीकरण नोट: यह लेख ब्रेस्टफीडिंग मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।