देश में कभी-कभी कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आ जा रही है तो कभी केस अचानक ही बढ़ जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना के 43 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जबकि उससे पहले 37 हजार 875 नए मामले सामने आए थे। ऐसे में महामारी की तीसरी लहर आने की आशंकाओं को काफी बल मिला है। कहा यह भी जा रहा है कि अगर तीसरी लहर आई तो यह बच्चों को अधिक प्रभावित करेगी, क्योंकि अमेरिका में ऐसा देखने को मिल भी रहा है। हालांकि आईसीएमआर में महामारी एवं संचारी रोग विभाग के प्रमुख डा. समीरन पांडा ने हाल ही में कहा था कि देश में तो तीसरी लहर के कोई सीधे संकेत नहीं मिल रहे हैं, लेकिन कुछ राज्यों में संक्रमण के बढ़ते मामले इसकी आहट जरूर दे रहे हैं। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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विशेषज्ञ से जानें: कोरोना की तीसरी लहर आएगी तो क्या सिर्फ बच्चों को प्रभावित करेगी या बड़े-बुजुर्गों को भी?
Thu, 09 Sep 2021 02:10 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Thu, 09 Sep 2021 02:10 PM IST
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कोरोना की तीसरी लहर
- फोटो : Pixabay
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
एक करोड़ 60 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी दूसरी डोज मिस कर दी है, क्या करें?
- दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'कोवाक्सिन की दूसरी डोज 28 दिन के बाद लगवानी है और कोविशील्ड की डोज में करीब तीन महीने का गैप रखा गया है। लेकिन अगर किसी वजह से दूसरी डोज का अंतर बढ़ गया है तो भी आप अपनी दूसरी डोज लगवा लें। ये गैप रखा गया है, ताकि निश्चित समय के बाद एंटीबॉडी और ज्यादा बनें। लेकिन अगर आपने उस समय के अंदर डोज नहीं ली है, तो भी वैक्सीन लगवाने के बाद एंटीबॉडीज बनेंगी और हो सकता है कि शरीर की टी-सेल उसे पहचान कर पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडी बना लें।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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कोरोना की मौजूदा स्थिति को कैसे देखते हैं?
- डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'अगर अभी की स्थिति को देखें तो काफी सकरात्मकता नजर आती है, लेकिन हमें इसे मेंटेन करना है। जब तक हमारे देश के सभी नागरिक वैक्सीनेट न हो जाएं, रिस्क (जोखिम) बहुत ज्यादा बना रहेगा। हम नहीं चाहते हैं कि एक और लहर और पीक देखें। हालांकि, कुछ केस दक्षिण के एक-दो राज्यों में बढ़ रहे हैं। यानी केस सोसाइटी में हैं और ये कब म्यूटेट होकर किस तरह से हमें संक्रमित करें, कुछ कहा नहीं जा सकता है। इसलिए हमें कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करते रहना होगा।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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तीसरी लहर आएगी तो क्या सिर्फ बच्चों को प्रभावित करेगी या बड़े-बुजुर्गों को भी?
- डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'तीसरी लहर को लेकर कई तरह के आकलन किए जा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कोरोना के शुरू से ही बच्चे घर में हैं, उनके अंदर इम्यूनिटी नहीं है और कोरोना से उनका एक्सपोजर नहीं हुआ है। बड़े-बुजुर्गों को वैक्सीन लगाई जा रही है और कई संक्रमित होकर इम्यून हो चुके हैं। इसलिए कहा जा रहा है कि बच्चों में संक्रमण का खतरा ज्यादा है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि घर के सभी बड़े वैक्सीन लगवा लें, उससे बच्चे बचे रहेंगे। तब तक बच्चों की वैक्सीन भी आ जाएगी। यहां भी कहेंगे कि कोई भी लहर हो, अगर बड़े-बुजुर्ग भी लापरवाही करेंगे तो संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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कुछ लोगों की आंखें लाल हो जा रही हैं, तो क्या ये कोरोना के लक्षण हो सकते हैं?
- डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'शुरू में हमें लगता था कि कोरोना शरीर के अंदर ही पहुंच कर नुकसान करता है, लेकिन अब देखा गया है कि कई बार कोविड मरीजों की आंखें लाल हो जाती हैं। इसके साथ कई अन्य लक्षण भी नजर आएंगे। केवल ये नहीं कह सकते हैं कि आंखें लाल होना कोरोना है, कई बार धूल, प्रदूषण, इंफेक्शन (संक्रमण) या देर तक जागने या काम करने से भी आंख लाल हो जाती है। इसलिए एक बार डॉक्टर को दिखा लें और कोरोना टेस्ट करा सकते हैं।'