Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
इस कोरोना काल में कई सारी दवाओं का इस्तेमाल खूब बढ़ा है, जिसमें एजिथ्रोमाइसिन भी शामिल है। कोरोना संक्रमितों के इलाज में इसका जमकर इस्तेमाल हुआ है। इस दवा को लेकर हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि कोरोना के इलाज में इसके इस्तेमाल से किसी तरह का कोई फायदा नहीं हुआ है। अध्ययन के मुताबिक, कोरोना मरीजों पर यह दवा सिर्फ एक प्लेसिबो की तरह काम कर रही थी। इसका मतलब ये हुआ कि दवा खाने के बाद मरीजों को लगता है कि उन्हें आराम मिल गया है, जबकि असल में ऐसा होता नहीं है। यह अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से किया गया है। भारत में पिछले साल जून में ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी गाइडलाइन में बदलाव किया था और हल्के और मध्यम संक्रमण वाले रोगियों के उपचार के लिए एजिथ्रोमाइसिन का उपयोग करने पर रोक लगा दी थी।
अलर्ट: कोरोना मरीजों पर जरा भी कारगर नहीं यह दवा, कहीं आप भी तो नहीं ले रहे?
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अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने रिसर्च के लिए 263 वॉलंटियर्स को चुना था, जिसमें से 171 कोरोना मरीजों को एजिथ्रोमाइसिन की गोली दी गई थी और 62 लोगों को उसी की तरह दिखने वाली गोली यानी प्लेसिबो दिया गया था। इस दौरान पाया गया कि 14 दिन के बाद प्लेसिबो लेने वाले मरीजों की तुलना में एजिथ्रोमाइसिन लेने वाले लोगों के लक्षणों में कोई सुधार नहीं आया।
एजिथ्रोमाइसिन किस चीज की दवा है?
- एजिथ्रोमाइसिन एक एंटीबायोटिक है, जिसका इस्तेमाल कई प्रकार के बैक्टीरियल संक्रमण को खत्म करने में किया जाता है। न्यूमोनिया, ब्रोंकाइटिस, कान, गला, फेफड़े का संक्रमण आदि के इलाज में डॉक्टर एजिथ्रोमाइसिन का इस्तेमाल करते हैं।
शेड्यूल एच की दवा है एजिथ्रोमाइसिन
- विशेषज्ञ कहते हैं कि एजिथ्रोमाइसिन शेड्यूल एच में आने वाली दवा है, जिसे डॉक्टर के बिना सलाह के नहीं बेचा जा सकता है, लेकिन भारत में लोग आराम से इसका इस्तेमाल करते हैं और वो भी बिना डॉक्टरी सलाह के। गले में जरा सा भी इन्फेक्शन हुआ नहीं कि लोग दवा दुकानों से एजिथ्रोमाइसिन खरीद कर खा लेते हैं।
ऐसे लोग एजिथ्रोमाइसिन के इस्तेमाल से पहले बरतें सावधानी
- विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर आपको लिवर, पीलिया, हृदय रोग या आंतों में सूजन संबंधी समस्या है तो खुद से एजिथ्रोमाइसिन दवा भूलकर भी न लें, क्योंकि इससे आपकी स्थिति और भी बिगड़ सकती है। बेहतर होगा कि यह दवा लेने से पहले आप अपने डॉक्टर से सलाह लें।
स्रोत और संदर्भ:
Effect of Oral Azithromycin vs Placebo on COVID-19 Symptoms in Outpatients With SARS-CoV-2 Infection
https://jamanetwork.com/journals/jama/fullarticle/2782166
अस्वीकरण नोट: यह लेख जामा नेटवर्क नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन और डॉ. राजन गांधी से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।