दुनियाभर में कोरोना वायरस से अब तक 11 करोड़ 35 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 25 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि कोरोना वायरस को बेहतर तरीके से जानने और समझने के लिए दुनियाभर में लगातार शोध चल रहे हैं। अब एक ताजा शोध में यह दावा किया जा रहा है कि चश्मा पहनने वाले लोगों को कोरोना से संक्रमित होने का खतरा तीन गुना कम होता है। इसके पीछे वजह ये बताई जा रही है कि जो लोग चश्मा पहनते हैं और मास्क भी लगाते हैं, वो अपने आंख, नाक और मुंह को कम छूते हैं। इससे वायरस के शरीर में प्रवेश करने की संभावना घट जाती है, जिससे व्यक्ति संक्रमित होने से बच सकता है। यह अध्ययन भारत में ही किया गया है, जिसकी रिपोर्ट हेल्थ साइंसेज से जुड़ी वेबसाइट मेडरिक्सिव पर प्रकाशित की गई है।
Coronavirus: चश्मा पहनने से हो सकता है कोविड-19 से बचाव, नए अध्ययन में दावा
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यह अध्ययन उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित एक अस्पताल में किया गया है। इसमें कुल 304 लोगों को शामिल किया गया था, जिसमें 223 पुरुष और 81 महिलाएं थीं और इनकी उम्र 10 साल से 80 साल के बीच थी। ये सभी लोग कोरोना से संक्रमित थे। इस अध्ययन में शामिल करीब 19 फीसदी लोग ऐसे थे, जो ज्यादातर समय चश्मा पहनते थे।
अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि शोध में शामिल लोगों ने हर घंटे औसतन 23 बार अपने चेहरे को छुआ, जबकि प्रति घंटे औसतन तीन बार लोगों ने अपनी आंखों को छुआ। इससे शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे कि जो लोग नियमित रूप से चश्मा नहीं पहनते हैं, उनकी तुलना में नियमित रूप से चश्मा पहनने वाले लोगों के कोरोना से संक्रमित होने का खतरा दो से तीन गुना कम था।
ऐसा कई अध्ययनों में पाया गया है कि संक्रमित हाथों से आंखों को छूने और रगड़ने से वायरस के शरीर में प्रवेश करने का खतरा रहता है। अब इस नए अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय तक चश्मे का इस्तेमाल करने से बार-बार आंखों को छूने और रगड़ने से रोका जा सकता है, जिससे संक्रमित होने का खतरा काफी कम होता है।
पिछले साल भी ऐसी ही एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें कहा गया था कि चश्मा पहनने वाले लोगों के कोरोना वायरस के संपर्क में आने और उससे संक्रमित होने का खतरा कम था। यह अध्ययन जामा ऑपथैल्मोलॉजी नामक पत्रिका में भी प्रकाशित हुई थी।
नोटः यह लेख हेल्थ साइंसेज से जुड़ी वेबसाइट मेडरिक्सिव पर प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें शोध के बारे में विस्तार से बताया गया है।