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Coronavirus: इस देश में 14 फीसदी लोगों में मिले हैं कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी के सबूत, शोध में खुलासा

Fri, 26 Feb 2021 01:07 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Fri, 26 Feb 2021 01:07 PM IST
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Coronavirus new study shows 14 percent of England population has evidence of antibodies against covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इंग्लैंड में लगभग 14 फीसदी लोगों में कोविड-19 के खिलाफ एंटीबॉडी मौजूद होने के सबूत मिले हैं। एक नए अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है। यह अध्ययन इंपीरियल कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने एक लाख 55 हजार लोगों पर किया है। दरअसल, एंटीबॉडी संक्रमण या टीकाकऱण के बाद शरीर द्वारा उत्पादित सुरक्षात्मक प्रतिरक्षा अणु है। यह अध्ययन इंग्लैंड में कोरोना वैक्सीन की प्रभावशीलता को भी दर्शाता है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि संक्रमण या टीकाकरण से एंटीबॉडीज कितने समय तक शरीर में मौजूद होते हैं और कोविड-19 से सुरक्षा प्रदान करते हैं। लोगों के शरीर में एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए 26 जनवरी से आठ फरवरी 2021 के बीच नमूने लिए गए थे और उनका परीक्षण किया गया था। हालांकि अभी तक इस अध्ययन की समीक्षा नहीं की गई है। 

Coronavirus new study shows 14 percent of England population has evidence of antibodies against covid 19
कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock

इस अध्ययन में 18 हजार वैसे लोग भी शामिल थे, जिन्हें कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक खुराक मिली थी। अध्ययन के मुताबिक, जिन लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया था, उनमें से 91 फीसदी में फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन की दो खुराक लेने के बाद एंटीबॉडी मौजूद थे। 

Coronavirus new study shows 14 percent of England population has evidence of antibodies against covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

अध्ययन में यह भी पाया गया कि 30 से कम उम्र के लोगों में एक खुराक लेने के बाद भी एंटीबॉडी मौजूद थे। इंपीरियल कॉलेज के प्रोफेसर हेलेन वार्ड कहते हैं, 'यह देखना बहुत ही उत्साहजनक रहा कि अधिकांश लोग एक खुराक के बाद भी डिटेक्टेबल यानी पता लगाने योग्य एंटीबॉडी प्रतिक्रिया विकसित करते हैं। हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि लोगों के लिए टीके की दूसरी खुराक लेना बहुत जरूरी है, जब इसकी पेशकश की जाती है।' 

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Coronavirus new study shows 14 percent of England population has evidence of antibodies against covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

इंपीरियल कॉलेज लंदन में संक्रामक रोगों के शोधकर्ता प्रोफेसर ग्राहम कुक कहते हैं, 'हम जानते हैं कि एंटीबॉडी पिछले संक्रमण के महत्वपूर्ण संकेत हैं और ये यह बताने में भी मदद कर सकते हैं कि लोगों के शरीर पर वैक्सीन का कोई असर हो रहा है या नहीं। लेकिन हमें एंटीबॉडीज, गंभीर बीमारी और संक्रमण के प्रभावों के बीच के लिंक को बेहतर ढंग से समझने के लिए और अधिक शोध करने की जरूरत है।' 

नोटः यह लेख इंपीरियल कॉलेज लंदन की वेबसाइट पर प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें शोध के बारे में विस्तार से बताया गया है।

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