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Coronavirus: कोरोना का दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन एंटीबॉडी और प्रतिरक्षा तंत्र को भी दे रहा 'धोखा', वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

Fri, 22 Jan 2021 04:56 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Fri, 22 Jan 2021 04:56 PM IST
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Coronavirus New strain of South Africa may escape immune system scientists warn
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

अलग-अलग देशों में मिल रहे कोरोना वायरस के नए-नए स्ट्रेन ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में मिले स्ट्रेन को काफी खतरनाक और संक्रामक बताया गया है। इनसे अब तक कई लोग संक्रमित हो चुके हैं। अब कोरोना के दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन को लेकर वैज्ञानिकों ने एक डराने वाली चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एक नए शोध से पता चला है कि यह अफ्रीकी स्ट्रेन न सिर्फ एंटीबॉडी को धोखा देने में, बल्कि ये प्रतिरक्षा तंत्र को भी 'धोखा' देकर बच निकलने में सक्षम है। 

Coronavirus New strain of South Africa may escape immune system scientists warn
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शोधकर्ताओं के मुताबिक, कोरोना वायरस का दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन उन आधे से ज्यादा लोगों को फिर से संक्रमित में सक्षम हो सकता है जो कोविड-19 से पहले ही बीमार होकर ठीक हो चुके हैं। दरअसल, वायरस के बाहरी स्पाइक प्रोटीन के एक विशिष्ट भाग पर उत्परिवर्तन (म्यूटेशन), इसे 'एंटीबॉडी' से बचने में सक्षम बनाते हैं। 

Coronavirus New strain of South Africa may escape immune system scientists warn
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

नेशनल डेली रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस नए स्ट्रेन से संक्रमित हुए 48 फीसदी लोग पहले भी कोरोना से संक्रमित हो चुके थे, लेकिन पुराने के मुकाबले नए स्ट्रेन का असर उनपर ज्यादा देखने को मिला। इसमें हैरान करने वाली बात ये थी कि संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों के शरीर में बनी एंटीबॉडी भी नए स्ट्रेन के संक्रमण को नहीं रोक सकी। 

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Coronavirus New strain of South Africa may escape immune system scientists warn
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

प्रोफेसर पेनी मूर के मुताबिक, जो लोग पहली बार कोविड-19 की वजह से गंभीर रूप से बीमार हुए थे, उनके नए स्ट्रेन से दोबारा संक्रमित होने की संभावना कम हो सकती है, क्योंकि उनके पास वायरस के खिलाफ पहले से ही एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया मौजूद है। 

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Coronavirus New strain of South Africa may escape immune system scientists warn
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शोधकर्ताओं के मुताबिक, एंटीबॉडी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया होती है जो कोरोना वायरस के टीकों द्वारा विकसित होती है। इसलिए,अगर वायरस लगातार विकसित होता है और एंटीबॉडी के लिए प्रतिरोधी बन जाता है, तो इसका मतलब यह भी हो सकता है कि कोरोना वायरस के खिलाफ विकसित वर्तमान टीके निरर्थक हो सकते हैं और इसे फिर से डिजाइन करने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि कोरोना के मौजूदा टीके नए स्ट्रेन के खिलाफ भी कारगर साबित होंगे। 

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