कोरोना वायरस का नया 'स्ट्रेन' अब भारत में भी फैलना शुरू हो गया है। यहां छह लोग इस नए प्रकार के वायरस से पीड़ित पाए गए हैं और ये सभी लोग हाल ही में ब्रिटेन से लौटे हैं। उन्हें आइसोलेशन (एकांतवास) में रखा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बेंगलुरू के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो-साइंसेज में तीन लोगों का सैंपल टेस्ट किया गया था, जिसमें नए स्ट्रेन के मिलने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा दो लोगों के सैंपल की जांच हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मोलेक्यूलर बायोलॉजी में की गई जबकि एक अन्य शख्स के सैंपल की जांच पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में की गई और ये सभी लोग नए स्ट्रेन से पीड़ित पाए गए।
Coronavirus: भारत में मिला कोरोना वायरस का नया 'स्ट्रेन' कितना खतरनाक और कितनी तेजी से फैलता है? जानिए सबकुछ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाल ही में गृह मंत्रालय ने कोरोना के नए स्ट्रेन से लोगों को सावधान रहने के लिए भी कहा है और साथ ही ताजा गाइडलाइंस भी जारी की है। इस गाइडलाइंस में कोविड-19 के मौजूदा गाइडलाइंस को 31 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
कितना संक्रामक है कोरोना का नया स्ट्रेन?
कोरोना के नए स्ट्रेन को 70 फीसदी अधिक संक्रामक बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इसका म्यूटेशन कोरोना वायरस में 17 बदलावों के साथ हुआ है, इसलिए यह ज्यादा खतरनाक है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये नया वायरस बच्चों और युवाओं को ज्यादा अपनी चपेट में ले रहा है।
नया स्ट्रेन कितना खतरनाक?
कोरोना के इस नए स्ट्रेन को इसलिए ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है, क्योंकि इसके आठ रूप जीन में प्रोटीन बढ़ाने वाले हैं, जिसमें से दो सबसे ज्यादा खतरनाक हैं। पहला, नए स्ट्रेन का N501Y रूप, जिसकी वजह से वायरस शरीर की कोशिकाओं पर हमला कर सकता है और दूसरा, H69/V70 रूप, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को नुकसान पहुंचाता है।
नया स्ट्रेन क्यों तेजी से फैल रहा है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोना का नया स्ट्रेन काफी तेजी से दुनियाभर में फैल रहा है। कहा जा रहा है कि इस नए 'प्रकार' ने वायरस को बढ़ाने वाले प्रोटीन में बदलाव कर लिया है, जिसके जरिए यह शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं पर आसानी से हमला कर देता है। इसके तेजी से फैलने का कारण यही है।