भारत समेत दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जब यह वायरस देश में फैलना शुरू हुआ था, तब लोगों में भी इसका डर था और वो इससे बचने के लिए सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा बताए गए नियमों का पालन कर रहे थे, लेकिन अब लोगों के मन से वो डर निकल गया है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि बड़ी संख्या में लोग लापरवाही बरत रहे हैं, जिसकी वजह से कोरोना के मामलों में एक बार फिर से तेजी आई है। आइए जानते हैं कि आखिर कोरोना का असर किस उम्र के लोगों पर ज्यादा है और साथ ही इससे जुड़े अन्य सवालों के जवाब भी विशेषज्ञ से जानने की कोशिश करते हैं।
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Coronavirus: किस उम्र के लोगों पर कोरोना का असर ज्यादा है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
Sat, 28 Nov 2020 11:32 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sat, 28 Nov 2020 11:32 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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किस उम्र पर कोरोना का ज्यादा असर है?
- डॉ. एन. एन. माथुर बताते हैं, 'बुजुर्ग और बच्चों पर कोरोना का प्रभाव ज्यादा है। बुजुर्ग जो 50-60 से ऊपर हैं और बच्चे जो एक या दो साल से कम हैं। बीच वाले लोगों में कोरोना से लड़ने की क्षमता विकसित हो जाती है। लेकिन बीच वाले अगर कोमोरबिडिटी वाले न हों। लेकिन युवा या जो बीच की उम्र के लोग हैं, उनसे बच्चों और बुजुर्गों को संक्रमण होने का खतरा है। इसलिए कहा जाता है कि सभी को कोरोना वायरस से बचने के लिए नियमों का पालन करना है।'
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दिल्ली में 37 हजार से ज्यादा आरटी-पीसीआर टेस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, इसका क्या अर्थ है?
- दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल के डॉ. एन. एन. माथुर बताते हैं, 'आरटी-पीसीआर गोल्ड स्टैंडर्ड टेस्ट माना गया है। दरअसल, रैपिड एंटीजन टेस्ट की सटीकता थोड़ी कम है, यह पॉजिटिव को भी कई बार निगेटिव बता देता है। दिल्ली में कोरोना की रफ्तार को रोकने के लिए पॉजिटिव मामलों को पकड़ना बहुत जरूरी है। इसलिए रैपिड एंटीजन की जगह आरटी-पीसीआर को महत्व दिया जा रहा है।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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लोग सर्जिकल मास्क को दोबारा भी लगाते हैं, क्या यह सही है?
- डॉ. एन. एन. माथुर के मुताबिक, 'अगर सर्जिकल मास्क लगाते हैं तो उसे अगले दिन दोबारा प्रयोग न करें। अगर रोजाना मास्क खरीदने से बचना चाहते हैं, तो कॉटन के ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग करें। इसे 4-5 खरीद कर रख सकते हैं। एक को प्रयोग करने के बाद धोकर सुखाने को रख दें और दूसरा प्रयोग करें। इस तरह एक मास्क को तीन या चार दिन पर प्रयोग करेंगे तो वायरस की संभावना कम रहेगी। इसके अलावा मास्क लगाकर बार-बार ऊपर नीचे न खिसकाएं। ऐसा करने पर वायरस मुंह के अंदर जा सकता है। अगर छूना है तो हाथ सैनिटाइज कर लें। मास्क को छूने के बाद दोबारा हाथ साफ करें।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग घर में नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, ऐसे लोगों को क्या कहेंगे?
- डॉ. एन. एन. माथुर कहते हैं, 'अगर कोई खुद को होम आइसोलेट करता है तो घर में दूसरा व्यक्ति होना जरूरी है। दूसरा व्यक्ति एन-95 मास्क जरूर पहने। डॉक्टर मरीज और दूसरे व्यक्ति से संपर्क में रहेंगे। अगर लक्षण बढ़ते हैं तो मरीज को अस्पताल में भर्ती करना होगा। लेकिन घर में रहते हुए भी मरीज को परिवार के साथ खाने, बैठने, हंसने, बोलने की इजाजत नहीं है। मरीज को दूर दूसरे कमरे में रहना है और अगर बात करनी है तो मास्क लगाकर दो गज की दूरी से बात करें।'