कोरोना वायरस ने दुनियाभर में अब तक सात लाख 74 हजार से भी ज्यादा लोगों को संक्रमित कर दिया है जबकि इसकी वजह से 17 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां अब तक एक करोड़ 67 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि एक लाख 46 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इन आंकड़ों को देख कर इतना तो पता चल ही गया होगा कि यह कितना खतरनाक वायरस है, लेकिन क्या यह सामान्य फ्लू से पांच गुना ज्यादा खतरनाक है? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना से जुड़े ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब...
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Coronavirus: क्या कोरोना सामान्य फ्लू से पांच गुना ज्यादा खतरनाक है? विशेषज्ञ से जानें सबकुछ
Tue, 22 Dec 2020 08:07 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 22 Dec 2020 08:07 AM IST
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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दिवाली के बाद तेजी से संक्रमण बढ़ा था, अब क्रिसमस-न्यू ईयर पर लोगों को क्या सलाह देंगे?
- दिल्ली के लोक नायक अस्पताल के डॉ. नरेश गुप्ता कहते हैं, 'पिछले त्याहारों पर ठंड नहीं थी, अब क्रिसमस और नए साल पर ठंड बहुत अधिक होगी। लोग बंद जगहों पर एकत्र होंगे। पहला फैक्टर ठंडा मौसम और दूसरा बंद जगह, ये बड़ा द्विधारी चाबुक है। इससे दुनियाभर में कोविड का बहुत बड़ा आउटब्रेक आ सकता है। तमाम देश कोविड के बढ़ते संक्रमण से जूझ भी रहे हैं। ठंड के मौसम में एक संक्रमित हुआ तो वो 100 को फैला सकता है। इसलिए बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।'
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कोविड से ठीक हो चुके मरीज के साथ बैठकर खाना खा सकते हैं?
- डॉ. नरेश गुप्ता बताते हैं, 'कोविड से जो लोग ठीक हो चुके हैं, वो किसी भी व्यक्ति के लिए कोई खतरा नहीं हैं। आप उनके साथ उठ-बैठ सकते हैं और खाना भी खा सकते हैं। कोविड से ठीक हुए व्यक्ति जरूरत पड़ने पर आपको प्लाज्मा दे सकता है, अपना अनुभव साझा कर सकता है, आप उसके साथ खाना खाएं, उठे-बैठें, कुछ भी करें, बस उसे मानसिक परेशानी मत दें।'
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लोग मास्क को लेकर इस वक्त सबसे बड़ी गलती क्या कर रहे हैं?
- डॉ. नरेश गुप्ता कहते हैं, 'लोगों की सबसे बड़ी गलती यह है कि वे जुर्माने से बचने के लिए मास्क लगा रहे हैं, न कि वायरस से बचाव के लिए। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वो मास्क लगाकर भी संक्रमण फैला रहे हैं। ऐसे लोग मास्क तो लगा लेते हैं, लेकिन बार-बार हाथ से छूते रहते हैं। अब मास्क अगर आपको बचा रहा है, इसका मतलब वायरस मास्क पर बैठा होगा। लेकिन लोग यह नहीं समझ रहे हैं और मास्क का ऊपरी हिस्सा छूने के बाद कई जगह हाथ रखते हैं। ध्यान रहे, मास्क पर बैठा वायरस अदृश्य है, वो कभी न कभी आप पर या आपके किसी प्रियजन पर हमला करेगा ही।'
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कपड़े के मास्क को कितने दिन तक धोकर पहना जा सकता है?
- डॉ. नरेश गुप्ता बताते हैं, 'कोविड-19 वायरस के ऊपर चिकनाई की एक लेयर होती है। यह लेयर केवल साबुन से खत्म होती है। इसलिए जैसे ही आप मास्क पर साबुन लगाते हैं, वायरस मर जाता है और पानी डालते ही बह जाता है। जहां तक सुरक्षा का सवाल है तो जब तक कपड़े में धोते-धोते छिद्र नहीं हो जाते, तब तक हर धुलाई के बाद वह मास्क सुरक्षा कवच के रूप में तैयार हो जाता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि तमाम डॉक्टर भी अस्पतालों में कपड़े का मास्क इस्तेमाल करते हैं।'