दुनियाभर में कोरोना वायरस से जुड़े रिसर्च लगातार जारी हैं। समय-समय पर इस वायरस से संबंधित कई चौंकाने वाली बातें भी निकल कर सामने आई हैं, जिनके बारे में वैज्ञानिकों को पहले से पता ही नहीं था। हालांकि फिलहाल काफी हद तक लोगों को इसके बारे में जानकारी हो गई है, लेकिन अभी भी कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब लोगों को पता नहीं हैं। आइए जानते हैं कोरोना से जुड़े ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब...
डायबिटीज के मरीज कितनी जल्दी वायरस से संक्रमित हो सकते हैं? जानें कोरोना से जुड़े ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब
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क्या किसी के अंतिम संस्कार में जा सकते हैं?
डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर कहते हैं, 'अगर कोविड से मौत हुई है तो डेड बॉडी प्लास्टिक में रैप करके दी जाती है, क्योंकि अगर कोई उसके संपर्क में आ गया तो कोरोना का संक्रमण हो सकता है। इसलिए डेड बॉडी रैप है तो उसे कंधा देने में कोई खतरा नहीं है, लेकिन अगर डेड बॉडी प्लास्टिक में रैप नहीं है या कोई संक्रमित व्यक्ति बिना किसी एहतियात के शव यात्रा में पहुंच गया है और सबके संपर्क में आ गया है तो संक्रमण की संभावना रहती है।'
क्या कोविड-19 मरीज से मास्क पहन कर मिलने से भी संक्रमण की संभावना रहती है?
इस बारे में डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर बताते हैं, 'कोविड मरीज से मिलने जाएं तो मास्क जरूर लगाएं और मरीज से भी मास्क लगाने को कहें। अगर मरीज छींकता या खांसता है तो उचित दूरी बनाए रखें। जरूरी नहीं है कि आपके पहुंचने से पहले भी उसने मास्क लगाया हुआ हो यानी वहां मौजूद वस्तुओं पर वायरस हो सकता है। इसलिए वहां किसी भी वस्तु को हाथ मत लगाएं।'
डायबिटीज के मरीज कितनी जल्दी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं?
डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर के मुताबिक, 'किसी को पहले से कोई बीमारी है तो उन्हें संक्रमण जल्दी लगता है, ऐसा कुछ नहीं है बल्कि होता यह है कि अगर ये लोग संक्रमित हो जाते हैं तो उनके अंदर वायरस ज्यादा असर करता है, क्योंकि कुछ बीमारियों में ऐसी दवाएं दी जाती हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता कम करती हैं। इसलिए उनमें संक्रमण गंभीर हो जाता है।'
क्या मलेशिया में नए कोरोना वायरस का पता चला है, जो ज्यादा खतरनाक है?
डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर के मुताबिक, 'जब कोई वायरस आता है तो कई जगह उनके जीन में परिवर्तन होता है, जिसे म्यूटेशन कहते हैं। ये वायरस कई अन्य वायरस से भी मिल जाता है। ऐसे वायरस लोगों को ज्यादा संक्रमित करते हैं। मलेशिया में अब DG14G वायरस मिला है और उनका कहना है कि भारत के किसी व्यक्ति से मिला है, लेकिन भारत में ऐसा वायरस नहीं पाया गया है। ये केवल एकतरफा बातें हैं, जो बिना किसी रिसर्च के कही गई हैं।'