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लोगों के व्यवहार पर असर डाल सकता है कोरोना संक्रमण काल, आदतें भी बदल सकती हैं: स्टडी

Sat, 04 Apr 2020 09:42 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Sat, 04 Apr 2020 09:42 AM IST
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Coronavirus Infection corona crisis Effects Will Change Human Behavior Study

कोरोना वायरस का संक्रमण देश और दुनिया में बढ़ता जा रहा है। इससे निपटने के लिए कई देशों में लॉकडाउन घोषित किया गया है। भारत में भी 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन के कारण लोग घर से ही काम कर रहे हैं और केवल खानपान की जरूरतों के लिए एक सीमा तक ही बाहर निकलने की छूट है। इस बीच लोगों की दिनचर्या भी बदल गई है। कई स्टडी में यह बात कही जा चुकी है कि कोरोना का संक्रमण 15 दिन या एक महीने में पूरी तरह खत्म नहीं होगा, बल्कि इसमें अभी लंबा वक्त लगेगा। इस बीच एक रिसर्च में यह सामने आया है कि यदि संक्रमण काल लंबा चला तो इसका लोगों के भावनात्मक आदतों पर असर पड़ सकता है। 

Coronavirus Infection corona crisis Effects Will Change Human Behavior Study

नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी में हुई इस स्टडी में सामने आया है कि संक्रमण के डर से लोग हाथ मिलाने और गले मिलने का चलन भी बंद कर सकते हैं, जिसका असर लोगों की भावनाओं पर पड़ सकता है। यहां तक कि यह भी कहा जा रहा है कि लोगों में इमोशन कम हो सकते हैं। वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे इंसान की आदतें भी बदल जाएंगी। 

Coronavirus Infection corona crisis Effects Will Change Human Behavior Study

स्टडी में बताया गया है कि यादि कोरोना का संक्रमण काल ज्यादा लंबा चला तो बिजनेस मीटिंग में लोग हाथ मिलाने से कतराएंगे। आसपास की सफाई को लेकर लोग ज्यादा सतर्क हो जाएंगे और बहुत मिलने-जुलने से बचेंगे। सैनिटाइजर और हाइजीन प्रॉडक्ट की बिक्री आने वाले दिनों में बढ़ सकती है और ये महंगी भी हो सकती है। 

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Coronavirus Infection corona crisis Effects Will Change Human Behavior Study

नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक प्रो. रॉबर्ट डिंगवाल के मुताबिक ये चीजें धीरे-धीरे हमारी आदतों में आ जाएंगी। हम बीमारी और संक्रमण की आशंका को लेकर लोगों से मिलने से कतराएंगे और विकल्प तलाशने लगेंगे। इससे भविष्य में हमारे व्यवहार में बदलाव आना स्वाभाविक है। विशेषज्ञों का कहना है कि हम अपने परिचितों या रिश्तेदारों से भले ही दूरी नहीं बना पाएंगे, लेकिन पहले की अपेक्षा ज्यादा बार गले नहीं मिलेंगे और उनके उतने करीब नहीं जाएंगे, जितना हम पहले जाते थे। ऐसी स्थिति अगर लंबे समय तक बनी रही तो हमारे व्यवहार में बदलाव आने लगेगा। 

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Coronavirus Infection corona crisis Effects Will Change Human Behavior Study

विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस से निपटने में लॉकडाउन और सेल्फ आइसोलेशन बहुत ही सकारात्मक कदम है, लेकिन लोगों को खुद को अपनी रुचि के अनुसार एक्टिविटी में व्यस्त रखने की जरूरत है। मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग तो जरूरी है, लेकिन इसके दौरान लोग सोशल नेटवर्क पर एक दूसरे से जुड़े रह सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें अकेलापन महसूस नहीं होगा। 

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