देश में कोरोना संक्रमण के मामले में काफी हद तक कमी आ गई है, लेकिन अभी भी मामले एक लाख से ऊपर ही आ रहे हैं। बीते 24 घंटे में संक्रमण के एक लाख 32 हजार नए मामले सामने आए हैं जबकि 3,200 से अधिक मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, फिलहाल देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 17 लाख 93 हजार से अधिक है। इस बीच कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भी बातें खूब चल रही हैं और कहा जा रहा है कि इस लहर में हो सकता है कि बच्चे ज्यादा प्रभावित हों। हालांकि सरकार ने इससे इनकार किया है और कहा है कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि तीसरे लहर में बच्चे अधिक प्रभावित होंगे। लेकिन फिर भी सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि दूसरी लहर में भी काफी संख्या में बच्चे संक्रमित हुए हैं। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं बच्चों में कोरोना के लक्षणों से लेकर सावधानी तक से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
{"_id":"60b71379a10ce760fd6855b2","slug":"coronavirus-in-india-update-covid-19-in-children-symptoms-and-precaution-tips-coronavirus-question-answer","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"विशेषज्ञ से जानें: बच्चों में कोरोना के लक्षण आने में कितना समय लगता है और क्या सावधानी रखें?","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
विशेषज्ञ से जानें: बच्चों में कोरोना के लक्षण आने में कितना समय लगता है और क्या सावधानी रखें?
Wed, 02 Jun 2021 10:47 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 02 Jun 2021 10:47 AM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
बच्चों में क्या-क्या कोरोना के लक्षण आ रहे हैं?
- दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'कोरोना की पहली लहर में बच्चों में केस काफी कम आए, जबकि दूसरी लहर में वयस्क ज्यादा प्रभावित हुए। हालांकि पहली लहर के मुकाबले कुछ केस बच्चों में भी आए हैं। जहां तक लक्षण की बात है, उनमें भी बुखार, खांसी, डायरिया, पेट में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण पाए गए हैं। लेकिन पॉजिटिव साइड पर गौर करें, तो ज्यादातर बच्चों में हल्के लक्षण ही रहे। हालांकि कुछ बच्चों में संक्रमण ज्यादा रहा, ऐसे बच्चों की संख्या बहुत कम है। बच्चों के लक्षण पर नजर रखना बहुत जरूरी है। अगर तापमान ज्यादा है, खांसी ज्यादा है, सांस लेने में समस्या आ रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हां, इस बात का ध्यान रखें कि खुद से बच्चों को कोई दवा न दें, क्योंकि जो वयस्क को दे रहे हैं, जरूरी नहीं है कि बच्चों के लिए सही हो।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
अगर बच्चा कोरोना से संक्रमित हो जाता है, तो क्या अन्य सदस्यों को भी संक्रमित कर सकता है?
- डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'जी हां, कोरोना वायरस का संक्रमण एक से दूसरे तक काफी तेजी से फैलता है, फिर वो चाहे बच्चे से हो या बड़े से। कई बार बच्चों में लक्षण बहुत जल्दी नजर नहीं आते हैं, ऐसे में भी वायरस से परिवार के दूसरे सदस्य संक्रमित हो सकते हैं। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर (कोरोना से बचने के उपाय, जैसे मास्क पहनना, सुरक्षित शारीरिक दूरी रखना, हाथ धोना) सिखाएं। अगर कोई लक्षण आ रहे हैं तो नजरअंदाज न करें, तुरंत कोविड टेस्ट कराएं। साथ ही बच्चों को मोटिवेट करते रहें, ताकि इंटरनल (अंदरूनी) इम्यूनिटी बूस्ट होती रहे और वो जल्दी रिकवर कर पाएं।'
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
बच्चों में कोविड के लक्षण आने में कितना वक्त लगता है और क्या सावधानी रखें?
- डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'बच्चों में जब एक्सपोजर होता है, तो 3-4 दिन बाद उनमें लक्षण आने शुरू होते हैं, इन्हें इनक्यूबेशन पीरियड कहते हैं। ऐसा मान कर चलते हैं कि 5-6 दिन में कुछ लक्षण नजर आएंगे। इसके 4-5 दिन तक लक्षण बढ़ भी सकते हैं और कम भी हो सकते हैं या बने रह सकते हैं। इस दौरान ध्यान देना है कि बच्चा एक मिनट में कितनी बार सांस लेता है। बच्चे को रोज देख रहे हैं तो पता चल जाता है कि वह सामान्य से धीरे सांस ले रहा है या तेज ले रहा है। बच्चे को दस्त लग जाए, चेहरे पर रिंकल्स आ जाएं, डिहाइड्रेशन शुरू हो जाना, आंख अंदर को जाने लगे, ठीक से खाना न खाना, बातचीत न करे। मॉनिटरिंग के दौरान कुछ भी बदलाव आ रहे हैं, जो बच्चे को परेशान कर रहे हैं, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।'
विज्ञापन
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
महिलाओं में वैक्सीन लगाने को लेकर अलग-अलग भ्रम हैं, उन्हें कैसे दूर करेंगे?
- डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'पहले स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वैक्सीन लगाने को लेकर कुछ लोगों में संशय था, लेकिन अब गाइडलाइन आ गई है। इसमें है कि शिशु को दूध पिलाने वाली मां भी वैक्सीन लगवा सकती है। इससे बच्चे को कोई नुकसान नहीं है। पीरियड के दौरान भी महिलाएं वैक्सीन लगवा सकती हैं। इसमें कुछ समस्या नहीं आती है। हां, अभी प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) के दौरान देश में महिलाओं को वैक्सीन लगवाने की गाइडलाइन नहीं आई है। लेकिन दुनिया के कई देशों में प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) के दौरान महिलाएं भी वैक्सीन लगवा रही हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में सरकार भी इसपर गाइडलाइन जारी करेगी।'