Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
कोरोना वायरस के प्रसार को लेकर बदनाम हो चुके चीन में अब इंसान में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद एक डर का माहौल बन गया है। दरअसल, आमतौर पर मुर्गियों में पाए जाने वाले बर्ड फ्लू वायरस के स्ट्रेन एच-10 एन-3 (H10N3) से चीन में पहली बार इंसान के संक्रमित होने का मामला सामने आया है। हालांकि इंसानों में बर्ड फ्लू से संक्रमण का पहला मामला साल 1997 में हांगकांग में सामने आया था, लेकिन वो दूसरा स्ट्रेन था। अब सवाल उठता है कि आखिर बर्ड फ्लू वायरस इंसानों के लिए जानलेवा होता है या नहीं, तो इसका जवाब है हां। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह वायरस पक्षियों और मुर्गियों के लिए जितना जानलेवा होता है, उतना ही यह इंसानों के लिए भी होता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1997 से लेकर अब तक बर्ड फ्लू से संक्रमित होने वाले करीब 60 फीसदी लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ महीने पहले भारत में भी मुर्गियों और पक्षियों में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला था, लेकिन इससे इंसान संक्रमित नहीं हुए थे। आइए जानते हैं कि बर्ड फ्लू के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं, जिनसे सावधान रहने की जरूरत है।
अलर्ट: चीन में इंसान को हुआ बर्ड फ्लू, जानिए यह कितना खतरनाक? ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
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बर्ड फ्लू के लक्षण
- खांसी (आमतौर पर सूखी खांसी)
- गले में खराश
- बंद नाक या नाक बहना
- थकान, सिरदर्द
- ठंड लगना, तेज बुखार
- जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में दर्द
- नाक से खून बहना
- सीने में दर्द
इंसान कैसे हो जाते हैं बर्ड फ्लू से संक्रमित?
- एच5एन1 (H5N1) बर्ड फ्लू वायरस का पहला ऐसा स्ट्रेन था, जिसने पहली बार इंसान को संक्रमित किया था। दरअसल, यह बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाले पानी के संपर्क में आने से इंसानों में भी हो सकती है। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।
किसे अधिक होता है बर्ड फ्लू का खतरा?
- वैसे तो बर्ड फ्लू से संक्रमित होने का सबसे अधिक खतरा मुर्गी पालन से जुड़े लोगों को होता है, लेकिन इसके अलावा वैसे लोग भी इससे संक्रमित हो सकते हैं, जो संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आते हैं, संक्रमित जगहों पर जाते हैं, कच्चा या अधपका चिकन या अंडा खाते हैं।
बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय क्या हैं?
- पक्षियों और मुर्गियों से दूर रहें
- चिकन या अंडा खाने से बचें
- समय-समय पर अपने हाथों को साबुन-पानी से धोते रहें
- ऐसी जगहों पर जाने से बचें, जहां बर्ड फ्लू वायरस फैला हुआ है
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।