Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
देश में कोरोना संक्रमण के मामले अब काफी हद तक कम हो गए हैं। बीते 24 घंटे में 34 हजार से अधिक नए मरीज मिले हैं, जबकि इस दौरान 500 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। इसे माना जा सकता है कि दूसरी लहर धीरे-धीरे खत्म हो रही है, लेकिन इस बीच तीसरी लहर का खतरा भी मंडराने लगा है। दरअसल, कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस ने चिंता बढ़ा दी है। देशभर में अब तक इसके 50 से अधिक मामले मिल चुके हैं। वैसे तो इसे अधिक खतरनाक माना जा रहा है, लेकिन कई विशेषज्ञों का कहना है कि अभी इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि यह डेल्टा वैरिएंट से अधिक खतरनाक और संक्रामक है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि चाहे कोई भी वैरिएंट हो, उससे बचने का सबसे सुरक्षित तरीका मास्क पहनना, सुरक्षित शारीरिक दूरी रखना और नियमित रूप से हाथ धोना ही है।
कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट का खतरा: कैसे बचें डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज? जानें सबकुछ
विशेषज्ञ कोरोना वायरस को लेकर डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों को पहले से ही आगाह करते आए हैं कि उन्हें अधिक खतरा हो सकता है। आईसीएमआर यानी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने भी कुछ महीने पहले इसी से संबंधित एक गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कोरोना के खतरे के बारे में बताया था।
आईसीएमआर ने बताया था कि डायबिटीज, उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और दिल के मरीजों को दूसरे स्वस्थ लोगों की तुलना में कोरोना से संक्रमित होने का ज्यादा खतरा नहीं है, लेकिन ऐसे लोगों को कोरोना होने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा जरूर अधिक होता है। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।
आईसीएमआर के मुताबिक, डायबिटीज के मरीजों को अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए और नियमित रूप से (संभव सीमा तक) व्यायाम करना चाहिए। इसके अलावा वे अपनी दवाएं नियमित रूप से लते रहें और अपने शुगर की जांच भी करते रहें, ताकि डायबिटीज को नियंत्रण में रखा जा सके।
आईसीएमआर के मुताबिक, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज धू्म्रपान और शराब से दूर रहें। अपने बीपी और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखें और नियमित रूप से कोई न कोई शारीरिक गतिविधि करें। नमक ज्यादा न खाएं। अपने आहार में फाइबर और प्रोटीन को शामिल करें और अधिक से अधिक सब्जियों और फलों का सेवन करें।