डॉ. गिरीश अग्रवाल, चेस्ट फिजिशियन
दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में पूरे विश्व में छह लाख से अधिक नए केस सामने आए हैं, जबकि 7,991 लोगों की मौत भी हो चुकी है। भारत की अगर बात करें तो यहां कोरोना की दूसरी लहर काफी तेज है। देश में एक दिन में मिलने वाले संक्रमण के मामलों ने अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि बीते 24 घंटों में करीब 1.69 लाख नए कोरोना मरीज मिले हैं, जबकि 900 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इसी के साथ भारत अब ब्राजील को पीछे छोड़कर दुनिया का दूसरा सबसे संक्रमित देश बन गया है। पहसे स्थान पर अभी भी अमेरिका ही है।
सावधान: इस उम्र के लोगों को अधिक संक्रमित कर रहा नया कोरोना वायरस, विशेषज्ञ ने बताया सबकुछ
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रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरीश अग्रवाल ने एक वीडियो के माध्यम से बताया कि मौजूदा वायरस पिछले वाले वायरस से काफी अलग है। वह कहते हैं, 'इस नए वायरस में जो बदलाव आए हैं, वो ये हैं कि इसमें मरीज को बहुत तेज बुखार आ रहा है, जो कि आठ से 10 दिन या 11-12 तक भी रह सकता है, जिसमें पूरा शरीर टूट जाता है, पसीने आते हैं। इस नए वायरस के साथ लोगों में डायरिया, सिरदर्द और आंखों में दर्द की भी समस्या देखी जा रही है।'
अब किस उम्र के लोगों को अधिक संक्रमित कर रहा कोरोना?
- पिछले साल ऐसा देखने में आया था कि कोरोना वायरस बुजुर्गों को अधिक संक्रमित कर रहा था और उनके लिए घातक साबित हो रहा था, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं। हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में जो कोरोना के मरीज आ रहे हैं, उनमें से 65 फीसदी मरीज 45 साल से कम उम्र के हैं।
जानकारों का कहना है कि ब्राजील के अस्पतालों के इंटेन्सिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भर्ती कोविड-19 के मरीजों में से अधिकतर की उम्र 40 साल से कम है। सिर्फ यही नहीं, डॉ. गिरीश अग्रवाल कहते हैं कि यह नया वायरस इस बार बच्चों को भी संक्रमित कर रहा है और सबसे खतरनाक बात ये है कि बच्चों में बड़ों में और बड़ों से बच्चों में भी ये संक्रमण फैल रहा है।
अब सवाल ये उठता है कि आखिर कोरोना वायरस दुनिया से खत्म कब होगा? इसके जवाब में दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. नीरज निश्चल कहते हैं कि वायरस को देख कर लगता है कि वो इतनी जल्दी जाने वाला नहीं है। इसलिए कह सकते हैं कि जिस तरह से सीजनल फ्लू के लिए वैक्सीन लगती है, कोरोना के लिए भी लगेगी। हालांकि समय के साथ ही स्थिति और साफ होगी, लेकिन मान कर चलिए कि अगले दो-तीन साल तक तो वैक्सीन की डोज लगती रहेगी। ये बातें उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो से बातचीत के दौरान कही है।
नोट- यह लेख रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरीश अग्रवाल द्वारा जारी किए गए एक वीडियो के आधार पर तैयार किया गया है।
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