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कोरोना वायरस: इटली में 10 हजार मौतें, मरनेवालों में ज्यादातर बुजुर्ग, इलाज में हुई गलती या कहीं और?

Mon, 30 Mar 2020 02:37 PM IST
निलेश कुमार बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: निलेश कुमार Updated Mon, 30 Mar 2020 02:37 PM IST
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Coronavirus Death toll Italy cross over ten thousand Covid 19 Prevention and treatment mistakes
धरती का लगभग हर हिस्सा इस संक्रमण की चपेट में आ चुका है - फोटो : PTI

कोरोना वायरस का पहला केस चीन के वुहान शहर में बीते साल दिसंबर में सामने आया था। महज कुछ हफ्तों में ही यह वायरस दुनिया के लगभग हर देश में पहुंच चुका है। लाखों लोग संक्रमित हैं और हजारों की जान जा चुकी है। धरती का लगभग हर हिस्सा इस संक्रमण की चपेट में आ चुका है। अगर आंकड़ों के आधार पर बात करें तो दुनिया भर में करीब सात लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में हैं जबकि मरने वालों की संख्या 33 हजार के पार पहुंच चुकी है।



हालांकि एक लाख से अधिक लोग री-कवर भी कर चुके हैं। संक्रमण के सबसे अधिक मामले अमरीका में हैं जबकि सबसे अधिक मौतें इटली में हुई हैं।  इटली में संक्रमण के फैलने से लेकर अभी तक 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि संक्रमण को फैलने के लिए इटली ने कई सख्त कदम उठाए हैं, बावजूद इसके हर रोज यहां औसतन छह सौ मौतें हो रही हैं।

Coronavirus Death toll Italy cross over ten thousand Covid 19 Prevention and treatment mistakes
Coronaindia - फोटो : PTI

एंटोनिया मिलान में रहती हैं। वो अपनी कार में बैठी थीं तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा था। यह सिर्फ चेतावनी देने के लिए था कि उनके साथ बैठी उनकी सहयात्री पीछे की सीट पर बैठे और मास्क भी लगाए।

इटली के मिलान शहर में रहने वाली एक महिला ने बताया कि उनसे कहा गया है कि दो लोग एक साथ आगे की दोनों सीटों पर नहीं बैठ सकते हैं। यह महिला अपने एक रिश्तेदार से मिलने अस्पताल जा रही थी। उनके रिश्तेदार अस्पताल में हैं लेकिन वो कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हैं। वो अपनी दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से अस्पताल में हैं।

Coronavirus Death toll Italy cross over ten thousand Covid 19 Prevention and treatment mistakes

इटली में लॉकडाउन है ऐसे में कहीं बाहर निकलना है तो उसके लिए 'उचित कारण' होना चाहिए। इटली में प्रतिबंध का यह छठा सप्ताह है। ऐसे में अब ये सवाल उठने लगे हैं कि किसी और देश की तुलना में इटली में ही इतनी अधिक संख्या में मौतें क्यों हो रही हैं?

विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए कोई नहीं बल्कि कई कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण जो यहा है कि देश की एक बड़ी आबादी उम्रदराज है। जापान के बाद इटली में दुनिया की सबसे अधिक बुजुर्ग आबादी रहती है।

कोरोना वायरस के बारे में जो एक चीज अभी तक स्पष्ट तौर पर पता है वो ये कि कोविड -19 सबसे अधिक बुजुर्गों को प्रभावित करता है। एक कारण टेस्ट के लिए अपनायी जा रही प्रक्रिया को भी माना जा रहा है, जिससे ये सही से पता ही नहीं चल पा रहा है कि कितने लोग संक्रमित हैं।

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तोड़े-मरोड़े गए आंकड़े
मिलान के एक अस्पताल में कार्यरत डॉ। मासिमो गैल्ली का कहना है कि इटली में अभी तक जितने संक्रमित मामलों की पुष्टि की गई है वो पूरे संक्रमित लोगों की संख्या को नहीं दर्शाता है। उनका कहना है कि जो आंकड़े हैं वो बहुत अधिक हैं।

सिर्फ उन मामलों की जांच की जा रही है कि जिनमें संक्रमण का स्तर बहुत अधिक है। बाकी लोगों की जांच नहीं की जा रही है। इस वजह से मौत के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। इटली का लोम्बार्डी प्रांत यहां का सबसे अधिक प्रभावित इलाका है। हर रोज यहां पाँच हजार से अधिक स्वैब टेस्ट (जांच में इस्तेमाल होने वाला एक उपकरण) हो रहे हैं।

वो कहते हैं "अभी जो टेस्ट हो रहे हैं उससे कहीं अधिक टेस्ट किए जाने की जरूरत है क्योंकि हजारों की संख्या में ऐसे लोग घर में हैं जो डायग्नोसिस का इंतजार कर रहे हैं।" इसके अलावा कोरोना वायरस के इलाज में लगे लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों के पास सुरक्षा आवरण और उपकरणों की भी कमी है।

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दूसरों देशों के लिए यह एक चेतावनी भी है
डॉ. मासिमो गैल्ली के मुताबिक, "हमारे देश में एक नेशनल हेल्थ केयर सिस्टम है और यह बहुत अच्छी तरह काम कर रहा है। खासतौर पर लोम्बार्डी में बावजूद इसके हमारा सिस्टम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।"

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक,"अस्पतालों में चमत्कारिक तौर पर बिस्तरों की संख्या में इजाफा किया गया है। लेकिन दवाइयों की कमी हो रही है और यह सबसे बड़ी परेशानी है। यह एक बड़ी समस्या है लेकिन दूसरे देश भी यह कमी महसूस करेंगे।"

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