भारत में अब तक एक करोड़ 16 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 40 हजार 715 नए मामलों की पुष्टि हुई है। फिलहाल देश में तीन लाख 45 हजार से अधिक सक्रिय मामले हैं जो कुल संक्रमित लोगों का 2.96 फीसदी है। इस बीच देश में कोरोना से स्वस्थ होने की दर भी 95.67 फीसदी हो गई है। अब तक एक करोड़ 11 लाख से अधिक लोग इसके संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। वहीं चार करोड़ 84 लाख लोगों को कोरोना का टीका भी लगाया जा चुका है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ सवालों के जवाब...
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भारत में कितनी गंभीर है कोरोना की नई लहर? विशेषज्ञ से जानें ऐसे ही सवालों के जवाब
Tue, 23 Mar 2021 12:31 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 23 Mar 2021 12:31 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : Pixabay
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
कोरोना की नई लहर कितनी गंभीर है?
- दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'जब कोई भी वायरल इंफेक्शन होता है, तो कई बार वायरस म्यूटेट हो जाता है। जैसे सामान्य सर्दी-जुकाम होता है तो कई बार वायरल देर में ठीक होता है तो कई बार जल्दी ठीक हो जाता है। उसी तरह कोविड का वायरस भी म्यूटेट होता है, लेकिन कई बार यह ज्यादा गंभीर होता है और कई बार धीरे-धीरे कम होने लगता है। इस समय भारत में म्यूटेट वायरस का ज्यादा असर नहीं है, लेकिन लोगों की लापरवाही की वजह से केस बढ़ने लगे हैं। वायरस म्यूटेट हो या पहले वाला हो, उसके फैलने का तरीका एक ही है और उसी रफ्तार से वह संक्रमित करता है। लेकिन जरूरी है कि वायरस से बचने के लिए मास्क लगाते रहें। नाक, मुंह को छूने से पहले हाथ जरूर साफ करें।'
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन की दोनों डोज के बीच पहले 4 से 6 सप्ताह का अंतराल था, पर अब 4 से 8 सप्ताह करने की सिफारिश की गई है, क्या कारण है?
- डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'जब वैक्सीन लगती है तो शरीर में रिस्पॉन्स यानी एंटीबॉडी बनती हैं। ये रिस्पॉन्स रियल टाइम में ही पता चलता है और कई बार एंटीबॉडी आने में कुछ समय लग सकता है। ऐसे में दूसरी डोज तब देते हैं जब शरीर में कुछ एंटीबॉडी बननी शुरू हो जाती है, ताकि जो रिस्पॉन्स या एंटीबॉडी हैं, वो और बेहतर हो जाएं। शोध में जो डाटा आया है, उसके बाद ये फैसला लिया गया है कि दूसरी डोज चार हफ्ते से पहले लगाने पर बहुत असर नहीं है, जबकि छह हफ्ते और आठ हफ्ते से पहले देने पर इसका असर और अच्छा है।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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यह जो अंतराल 4 से 8 सप्ताह करने की बात की जा रही है, क्या वह दोनों वैक्सीन के लिए है?
- डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'चार से आठ हफ्ते के बीच के अंतराल की बात की जा रही है, ये अभी केवल कोविशील्ड के लिए है। इसमें पहली डोज के बाद आठ हफ्ते के अंदर दूसरी डोज लगाने पर और ज्यादा असर होता है। ये वैक्सीन ऑक्सफोर्ड, एस्ट्राजेनेका और सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन है, लेकिन भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के लिए पहले की तरह की नियम हैं।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन प्रोग्राम पर क्या कहेंगे?
- डॉ. राकेश गर्ग कहते हैं, 'भारत को वैक्सीन बनाने का काफी पुराना अनुभव है। पोलियो अभियान जिस तरह चरणबद्ध तरीके से चला, वो दुनिया के सामने मिसाल है। यही अनुभव भारत में कोविड काल में भी मिला। अब तक करीब 4.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। आने वाले समय में टीकाकरण का दायरा और बढ़ेगा। सभी आगे बढ़ कर वैक्सीन लगवाएं और वायरस के संक्रमण से सतर्क रहें।'