फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

लॉकडाउन में बिना मर्जी गर्भवती हो सकती हैं 70 लाख महिलाएं, संयुक्त राष्ट्र के अध्ययन में सामने आई बात

Wed, 29 Apr 2020 05:01 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Wed, 29 Apr 2020 05:01 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus: 70 lac women may get pregnant in Lockdown can cause 7 million cases of unwanted pregnancies
गर्भधारण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पेक्सेल्स

दुनिया भर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए कई देशों में लॉकडाउन लगाया गया है। इस लॉकडाउन में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही है। खासकर निम्न और मध्यम आय वाले लोग प्रमुख स्वास्थ्य सेवा से वंचित हो रहे हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने कहा है कि प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित होने के कारण निम्न और मध्यम आय वाले देशों में करीब पांच करोड़ महिलाएं आधुनिक गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल से वंचित रह सकती हैं, जिनसे आने वाले महीनों में अनचाहे गर्भधारण के 70 लाख मामले सामने आ सकते हैं। इसके साथ ही अगले 10 साल में बाल विवाह के 1.30 करोड़ मामले सामने आने की भी संभावना जताई है। 

Coronavirus: 70 lac women may get pregnant in Lockdown can cause 7 million cases of unwanted pregnancies
गर्भवती महिलाएं

यूएनएफपीए ने सहयोगी एजेंसियों के साथ आंकड़े जुटा कर यह अध्ययन किया है। इस अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना संकट के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं परिवार नियोजन के साधनों तक पहुंच नहीं पा रही हैं। ऐसे में उनके अनचाहे गर्भधारण का खतरा है। इसके अलावा उनके खिलाफ हिंसा और अन्य प्रकार के शोषण के मामलों के भी तेजी से बढ़ने की भी आशंका जताई गई है।

Coronavirus: 70 lac women may get pregnant in Lockdown can cause 7 million cases of unwanted pregnancies
लैंगिक भेदभाव (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : पेक्सेल्स

यूएनएफपीए की कार्यकारी निदेशक नतालिया कानेम ने मंगलवार को कहा कि ये आंकडे़ पूरी दुनिया में महिलाओं और लड़कियों पर पड़ने वाले भयावह प्रभावों की ओर इशारा करते हैं। वह कहती हैं कि यह महामारी समाज के बीच भेदभाव को गहरा कर रही है। अध्ययन के मुताबिक, छह माह का लॉकडाउन लैंगिक भेदभाव के 3.10 करोड़ अतिरिक्त मामले सामने ला सकता है।वहीं, लाखों महिलाएं परिवार नियोजन के लिए अपनी जरूरतों को पूरा कर पाने के साथ ही अपनी देह और सेहत की सुरक्षा कर पाने में नाकाम हो सकती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Coronavirus: 70 lac women may get pregnant in Lockdown can cause 7 million cases of unwanted pregnancies
गर्भनिरोधक

इस अध्ययन के मुताबिक 114 निम्न और मध्यम आय वाले देशों में करीब 45 करोड़ महिलाएं गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल करती हैं। छह माह से अधिक समय में लॉकडाउन से संबंधित दिक्कतों के कारण इन देशों में 4.70 करोड़ महिलाएं आधुनिक गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल से वंचित रह सकती हैं। इनसे आने वाले महीनों में अनचाहे गर्भधारण के 70 लाख अतिरिक्त मामले सामने आ सकते हैं। 

विज्ञापन
Coronavirus: 70 lac women may get pregnant in Lockdown can cause 7 million cases of unwanted pregnancies
बाल विवाह

इस अध्ययन के मुताबिक, महामारी के इस वक्त में महिलाओं के खतने(एफजीएम) और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने की दिशा में चल रहे कार्यक्रमों की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आने वाले एक दशक में एफजीएम के अनुमानित 20 लाख और मामले सामने आएंगे। इसके अलावा अगले 10 साल में बाल विवाह के एक करोड़ 30 लाख मामले सामने आ सकते हैं। ये तमाम आंकड़े अमेरिका के जॉन हॉप्किन्स विश्वविद्यालय के एवेनिर हेल्थ और ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार किए गए हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed