कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में लोग मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण और इसकी वजह से मरने वालों का आंकड़ा रोजाना तेजी से बढ़ रहा है। शहर ही नहीं अब तो कई देश पूरी तरह लॉकडाउन की स्थिति में पहुंच चुके हैं। हजारों लोग क्वारंटीन कराए गए हैं। अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है और बहुत से लोगों के रोजगार छिन गए हैं।
Corona Virus: अपने साथ केवल मुसीबतें लेकर नहीं आया कोरोना वायरस
1. प्रदूषण में कमी
कोरोना वायरस की वजह से कई देशों में लॉकडाउन की स्थिति है और इस वजह से प्रदूषण के स्तर में कमी आई है। चीन और उत्तरी इटली दोनों देशों में वायु प्रदूषण के गंभीर कारक नाइट्रोजन डाईऑक्साइड में भारी कमी आई है। औद्योगिक कारखानों के बंद होने और सड़कों पर कारों के संचालन में कमी इसकी मुख्य वजह है।
न्यूयॉर्क में कई शोधकर्ताओं ने बीबीसी को बताया कि बीते साल के मुकाबले इस साल कार्बन मोनोऑक्साइड में 50 फीसदी की गिरावट आई है। यह मुख्य रूप से कारों से निकलता है। हवाई सफर पर रोक लग रही है और बड़ी संख्या में उड़ाने रद्द की जा चुकी हैं।
लाखों लोग घर से काम कर रहे हैं। आने वाले समय में दुनिया भर के देशों से इस स्थिति को अपनाने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही धरती को गर्म करने वाली कार्बन डाइऑक्साइड गैस में भी अच्छी खासी गिरावट देखी गई है।
2. पानी की गुणवत्ता में बदलाव
वेनिस में रहने वाले लोगों के मुताबिक शहर की नहरों के पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। कोरोना वायरस की वजह से उत्तरी इटली के इस लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन की सड़कें लगभग पूरी तरह खाली हैं।
टूरिस्ट नहीं आने की वजह से वॉटर ट्रैफिक कम हुआ है और पानी के साफ होने के पीछे यह मुख्य वजह है। आमतौर पर मटमैला दिखने वाला यहां का पानी इतना साफ हो चुका है कि अब यहां मछलियां भी देखी जा सकती हैं।
3. उदारता दिखाने वाले काम
कोरोना वायरस की वजह से कई देशों में शहरों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है तो कुछ देश अभी इसकी तैयारी में हैं। घर में कब तक बंद रहना पड़े, इस डर की वजह से लोग आसपास के स्टोर से जरूरत का सामान भारी मात्रा में खरीद रहे हैं और इस वजह से अफरातफरी की स्थिति बन रही है।
कई जगहों से ऐसी रिपोर्ट आई हैं कि लोग सामान खरीदने की होड़ में एक दूसरे से झगड़ भी रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच कुछ सुखद अहसास कराने वाले मामले भी सामने आए हैं। न्यूयॉर्क के दो लोगों ने 72 घंटों में 1300 वॉलंटियर तैयार किए हैं जो शहर में बुजुर्गों और जरूरतमंदों को घरेलू सामान और दवाएं घर पर पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
फेसबुक के मुताबिक, ब्रिटेन में हजारों लोगों ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए बनाए गए स्थानीय सहयोग ग्रुप ज्वाइन किए हैं। इस तरह के ग्रुप कनाडा में भी बनाए गए हैं। इन ग्रुप्स की वजह से 'केयरमॉन्गरिंग' ट्रेंड को बढ़ावा मिल रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में सुपरमार्केट पर बुजुर्गों के लिए खरीदारी का वक़्त अलग से तय किया गया है ताकि उम्रदराज लोगों और विकलांगों को खरीदारी करने में परेशानी न आए। बहुत से लोग इस मुसीबत से निपटने के लिए डोनेशन (चंदा) भी दे रहे हैं। कुछ लोग आइसोलेशन में रह रहे बुजुर्गों की मदद के लिए रेसिपी शेयर की, कुछ ने आइडिया शेयर किए और कुछ लोगों ने अपने कारोबार को फूड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में तब्दील कर दिया है।