दुनिया के कई देशों में कोरोना का संकट एक बार फिर से लौट रहा है। भारत में भी पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिल रही है, इसमें संक्रमितों के मृत्यु की बढ़ती संख्या डॉक्टरों के लिए अब भी बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड वैक्सीन लेने वाले लोगों को कोविड के गंभीर संक्रमण और इससे होने वाली मौत का खतरा कम हो सकता है। इस बीच अध्ययनकर्ताओं ने हालिया शोध में कोरोना रोगियों में मौत के खतरे को कम करने वाले एक और उपाय के बारे में लोगों को सूचित किया है।
बड़ी खबर: गंभीर कोविड संक्रमितों की भी बचाई जा सकेगी जान, वैज्ञानिकों ने इस खास दवा को बताया कारगर
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कोविड रोगियों में एसएसआरआई दवाओं के दिखे अच्छे प्रभाव
अमेरिका में 87 स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे हैं। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि एसएसआरआई दवाएं कोविड के गंभीर मामलों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि इसे विस्तृत स्तर पर साबित करने के लिए नैदानिक परीक्षणों की आवश्यकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (यूसी) में एसोसिएट प्रोफेसर मरीना सिरोटा कहते हैं, कोरोना संक्रमितो में कुछ एंटीडिप्रेसेंट दवाओं के असर देखने को मिले हैं, हालांकि अलग-अलग रोगियों पर इसके परिणाम को जानने के लिए विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है।
पाच लाख से अधिक लोगों पर किया गया अध्ययन
अमेरिका में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने कोविड-19 डी-आइडेंटिफाइड डेटाबेस से इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इसमें अमेरिका के लगभग 5 लाख कोविड रोगियों की जानकारी थी। इसमें जनवरी-सितंबर 2020 के बीच कोविड-19 के निदान वाले 83,584 वयस्क रोगी भी शामिल थे। इनमें से 3,401 रोगियों को इलाज के दौरान एसएसआरआई दवाएं दी गईं। उम्र, लिंग और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर वैज्ञानिकों ने पाया कि एसएसआरआई एंटीडिप्रेसेंट दवा फ्लुओक्सेटीन दवाओं के इस्तेमाल से कोविड रोगियों के मरने की संभावना को 28 फीसदी तक कम किया जा सकता है।
इन बातों पर भी करें गौर
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि किसी भी प्रकार के एसएसआरआई दवा लेने वाले रोगियों कोविड से मरने का खतरा आठ फीसदी तक कम हो सकता है। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह भी है कि हाल ही में फाइजर और मर्क द्वारा विकसित नए एंटीवायरल के हाल के नैदानिक परीक्षणों में पाए गए लोगों की तुलना में कम हैं। वहीं शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनिया से इस महामारी को खत्म करने के लिए और अधिक विकल्पों की आवश्यता होगी।
यूसी सैन फ्रांसिस्को में बकर कम्प्यूटेशनल हेल्थ साइंसेज इंस्टीट्यूट (बीसीएचएसआई) में वैज्ञानिक टोमिको ओस्कोत्स्की ने कहते हैं, फिलहाल हमें अध्ययन में उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। इस अध्ययन से प्राप्त डेटा के आधार पर हम आगे के विकल्पों के बारे में सोच सकते हैं। कोविड-19 के इलाज के लिए हमें इस दवा के और अधिक परीक्षण से मदद मिल सकती है।
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स्रोत और संदर्भ
Mortality Risk Among Patients With COVID-19 Prescribed Selective Serotonin Reuptake Inhibitor Antidepressants
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