डॉ. परवेश मलिक
मौसमी बदलाव शरीर पर बुरा असर भी डालते हैं। आमतौर पर सर्दियों के मौसम को सेहत बनाने वाला माना जाता है लेकिन ठंड का आना भी कई तरह की समस्याएं लेकर आता है। इसमें शरीर में आने वाली सूजन, लाली, खुजली और जलन भी शामिल है। इसे चिकित्सकीय भाषा में चिलब्लेंस भी कहा जाता है। यह स्थिति शरीर के बार बार ठंड के सम्पर्क में आने से पनपती है। खासकर हाथों और पैरों में इसकी वजह से सूजन और खुजली के साथ ही लाल धब्बे, फफोले आदि भी हो सकते हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में ये फफोले और सूजन मौसम में थोड़ी गर्मी आते ही ठीक भी हो जाते हैं। लगभग एक-तीन हफ्तों में। लेकिन कई बार इनको नजरअंदाज करने से संक्रमण बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि शुरुआत से ही सतर्कता बरती जाए।
चिलब्लेंस: सर्दियों में सूजन, जलन और खुजली से हैं परेशान, तो आप इस बीमारी के हैं शिकार, जानिए लक्षण और इलाज
इन्हें हो सकती है ज्यादा परेशानी:
यह समस्या कुछ लोगों को ज्यादा परेशान कर सकती है। इनमें शामिल हैं,
- ऐसे लोग जो बहुत टाइट कपड़े पहनते हैं या जिनकी त्वचा ठंड के सम्पर्क में अधिक आती है।
- पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस समस्या की शिकार अधिक होती हैं।
- दुबले लोग, जिनका वजन औसत से भी कम होता है।
- ऐसे इलाकों में रहने वालों को जहां ठंड के साथ नमी भी बहुत होती है। खास बात यह है कि ठंडे लेकिन सूखे स्थानों पर रहने वालों को यह समस्या कम होती है।
- जिन लोगों में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं होता, उनमें भी इस समस्या का खतरा अधिक होता है।
- किसी ऑटोइम्यून डिसीज या अन्य बीमारी से ग्रसित व्यक्ति में भी इसके होने की आशंका अधिक होती है।
ये करें उपाय:
थोड़ी सी सावधानी आपको इस मुश्किल से दूर रहने में मदद कर सकती है। इसके लिए ये उपाय अपनाएं।
- बिना गर्म कपड़े और पूरी सुरक्षा ठंड में बाहर न निकलें। इसके लिए कपड़े ढीले और लेयर्स में पहनें। जैसे एक पतली परत सबसे नीचे उसके ऊपर एक शर्ट या टॉप और उसके ऊपर एक लेयर गर्म कपड़े की।
- पैरों में ऐसे जूते पहनें जो नमी से भी सुरक्षित रखें।
- टाइट कपड़े और जूते पहनने से बचें।
- हाथ-पैरों और चेहरे को सूखा और गर्म रखें। अगर हाथ बार-बार धोना भी पड़े तो तुरंत उसे सूखा कर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।
- सिगरेट का सेवन न करें।
- समस्या होने पर त्वचा पर मालिश न करें, न ही रगड़ें।
- डॉक्टर से सलाह लेकर ऑइंटमेंट या लोशन लगाएं लेकिन ये खुशबूरहित हो यह जरूरी है।
- चमड़ी पर खुजली न करें।
- फिजिकल एक्टिविटी और एक्सरसाइज जरूर करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रहेगा।
- अगर आप एकदम ठंडे माहौल से आ रहे हों तो तेज गर्म माहौल में न जाएं।
ये चीजें कर सकती हैं मदद:
एक्सरसाइज के अलावा सही और पौष्टिक आहार भी इस समस्या से बचाव और राहत देने में मददगार साबित हो सकता है। खासकर यदि हर बार ठंड में यह समस्या उभरती हो तो। इसलिए अपने आहार में अदरक, हल्दी, दालचीनी, लहसुन, ओमेगा -3 फैटी एसिड्स, आदि को जरूर शामिल करें। साथ ही बाजरा, गुड़, मैथीदाना, हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी फलों का भी उपयोग लाभदायक हो सकता है।
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नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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