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दूध के दांतों की सफाई भी जरूरी, इस फिंगर ब्रश से करें बच्चों के दांत साफ

Thu, 12 Sep 2019 04:56 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Thu, 12 Sep 2019 04:56 PM IST
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cleaning of milk teeth is also important
प्रतीकात्मक तस्वीर

 हम इस भ्रांति में जीते हैं कि बच्चों के दांतों की सफाई जरूरी नहीं है। यह एकदम गलत धारणा है। सच्चाई तो यह है कि एक बच्चे के दांत छह महीने के बाद निकलना शुरू हो जाते हैं। इसी वक्त से उनके दांतों की देखभाल की जरूरत पड़ती है। ये दूध के दांत कहलाते हैं, ये दांत तीन साल तक निकलते हैं। हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि स्वस्थ दांतों के लिए स्वस्थ मसूड़े जरूरी हैं।इसके लिए जरूरी है कि हम जब बच्चे के एक-दो दांत निकलने लगें तो उनके दांतों की सफाई शुरू कर दें। डेंटल सर्जन डॉ. निमिषा बुधवार बता रही हैं कि कैसे करें बच्चों के दांतों की देखभाल।

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डॉ निमिषा शुक्ला - फोटो : अमर उजाला

सिलिकॉन के बने फिंगर ब्रश आते हैं। जब तक बच्चा कुल्ला करने लायक न हो जाए तब तक मम्मी या पापा बच्चे के दांतों को इसी फिंगर ब्रश से साफ करें। पेस्ट से बच्चे का परिचय तभी कराएं जब बच्चा कुल्ला करने लायक हो जाए। फ्लोराइड जरूरी है, लेकिन ध्यान रखें कि वयस्क और बच्चों के पेस्ट में फ्लोराइड की मात्रा अलग-अलग होती है। बच्चों के लिए उनके लिए बना पेस्ट ही इस्तेमाल करें। बच्चा जब ढाई-तीन साल का होने लगे तो उसे कुल्ला करना सिखाएं और जब वह सीख जाए तो उसे पेस्ट से ब्रश कराएं। बच्चों के दांतों को साफ करने के लिए मुलायम टूथब्रश का इस्तेमाल करें। शुरुआत बिना पेस्ट ब्रश कराने से करें।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
नर्सिंग बॉटल कैविटी न हो इसका ध्यान रखें
अक्सर रात को बच्चे दूध पीते-पीते सो जाते हैं। यह आदत नर्सिंग बॉटल कैविटी का कारण बनती है जो दांतों को पूरी तरह सड़ा देती है। दूध पिलाने के बाद बच्चों के मसूड़ों को एक साफ कपड़े से अच्छे से पोंछ दीजिए। इससे वह चिपचिपी परत जिसे प्लेक कहते हैं, उसे हटाने में मदद मिलेगी।
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doctor
डेंटिस्ट को दिखाएं
छह महीने और एक साल के अंदर बच्चे के दांतों की जांच अवश्य करा लें। इसका फायदा यह होगा कि यदि कोई दिक्कत है तो उसका समाधान वक्त रहते पता चल जाएगा। खानपान का असर बच्चों के दांतों पर पड़ता है। बच्चों को चीनी देने से परहेज करें। दूध भी बिना चीनी का ही दें। ऐसे फल भी न खिलाएं जो दांतों में फंस सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
ये भी रहे ध्यान
जब बच्चे के दांत निकलने शुरू होते हैं तो वह कुछ भी उठाकर खा लेता है। फर्श अच्छे से साफ रखें, क्योंकि यही वह उम्र होती है जब बच्चा चलना सिखता है। गंदगी के साथ बैक्टीरिया उसके मुंह में जाने से बचाने के लिए साफ-सफाई का खयाल रखना जरूरी है।
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