अमेरिका में एक बार फिर से हवाना सिंड्रोम नामक रहस्यमयी बीमारी चर्चा में है। दुनिया के वैज्ञानिकों के लिए अबूझ पहेली बनी इस बीमारी के लक्षणों के बारे में अब सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक विलियम बर्न्स ने सूचित किया है। हाल ही में विलियम बर्न्स अधिकारियों की टीम के साथ भारत के दौरे पर आए थे। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक यहां से वापस अमेरिका लौटने के बाद उन्होंने हवाना सिंड्रोम के लक्षणों के बारे में जानकारी दी है। खबर यह भी है कि उनके साथ दौरे पर आए अधिकारी और उनके परिजन भी इस अजीबो-गरीब बीमारी के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं। इन खबरों के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या भारत में भी इस बीमारी ने दस्तक दे दी है?
रहस्यमयी बीमारी: भारत दौरे से लौटे अमेरिकी अधिकारी ने की हवाना सिंड्रोम की शिकायत, जानिए इस बीमारी के बारे में
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हवाना सिंड्रोम को क्यों कहा जाता है रहस्यमयी बीमारी?
असल में हवाना सिंड्रोम के लक्षण और कारण ऐसे अजीबो-गरीब हैं कि इसे वैज्ञानिक अब तक रहस्यमयी बीमारी के रूप में ही देख रहे हैं। लंबे समय से यह समस्या अमेरिका सहित कई अन्य देशों में चर्चा का विषय रही है। सबसे पहले साल 2016 में क्यूबा की राजधानी हवाना में अमेरिकी राजनयिकों ने इस बीमारी के लक्षणों के बारे में सूचित किया था। बाद में जर्मनी, ऑस्ट्रिया, रूस और चीन सहित अन्य देशों के राजनयिकों ने भी इसके बारे में जानकारी दी। हालांकि लक्षणों के आधार पर शोध कर रही वैज्ञानिकों की टीम को अब तक इस सिंड्रोम के कारणों का पता नहीं चल सका है।
हवाना सिंड्रोम में कौन से लक्षण होते हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक इस सिंड्रोम के शिकार राजनयिक कई तरह के लक्षणों के बारे में बताते रहे हैं। कुछ में इसके लक्षण अक्यूट (अचानक से होने वाले) जबकि कुछ में क्रोनिक (हफ्ते से लेकर महीने तक) देखे गए हैं। राजनयिकों ने बताया कि इस बीमारी में उन्हें और उनके परिजनों को मितली, ठीक से सुनाई न देने, याददाश्त की दिक्कत, चक्कर आने जैसी समस्या होती है। कुछ लोगों ने कान में बहुत तेज आवाज आने के साथ दर्द की भी शिकायत की। इसके अलावा कुछ लोगों ने मस्तिष्क में तेज दबाव और सिर में कंपन के साथ अनिद्रा जैसी दिक्कतों के बारे में भी बताया।
अध्ययन में क्या पता चला?
हवाना सिंड्रोम के बारे में जानने के लिए जब वैज्ञानिकों ने प्रभावित लोगों के मस्तिष्क का स्कैन किया तो और भी अजीब बात सामने आई। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि इन लोगों के मस्तिष्क के ऊतकों की स्थिति बिल्कुल वैसी ही थी जैसा की किसी कार दुर्घटना या बम विस्फोट के कारण हो जाती है। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि संभवत: विदेशी मिशनों के कारण उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल का राजनयिकों के दिमाग पर गंभीर असर पड़ता है जिसके कारण इस तरह की समस्या हो सकती है, लेकिन इसे पुख्ता कारण नहीं माना जा सकता है क्योंकि सिंड्रोम की शिकायत राजनयिकों के परिजनों को भी होती रही है।
क्या इसे बीमारी माना जा सकता है?
पिछले साल राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने एक रिपोर्ट में बताया कि संभवत: रेडियोफ्रीक्वेंसी एनर्जी के कारण मस्तिष्क में इस प्रकार की समस्या जन्म ले सकती है। पर वास्तविक कारण अब भी अनजान है। इसके अलावा कुछ रिपोर्टस में दावा किया गया कि असल में हवाना सिंड्रोम जैसी कोई समस्या होती ही नहीं है, अगर है तो यह सिर्फ चुनिंदा विभाग के लोगों में ही क्यों होती है? हालांकि अमेरिकी अधिकारी हवाना सिंड्रोम को वास्तविक बीमारी मानते रहे हैं। इसे समझने के लिए अब भी अध्ययन जारी है।
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स्रोत और संदर्भ:
What Is Havana Syndrome
अस्वीकरण नोट: यह लेख मीडिया रिपोर्टस और तमाम मेडिकल वेबसाइट्स से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।