शरीर के सभी अंग बेहतर तरीके से काम करते रहें और स्वस्थ रहें, इसके लिए जरूरी है कि ऑक्सीजन का संचार ठीक से होता रहे। इसमें फेफड़ों के स्वस्थ रहने की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हालांकि समय के साथ लोगों की बिगड़ती दिनचर्या, खान-पान में समस्याओं के कारण फेफड़ों से संबंधित कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
COPD: युवाओं में तेजी से बढ़ रही है सांस की गंभीर बीमारी, ये दुनियाभर में मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण
दुनियाभर में मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक सीओपीडी दुनियाभर में मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण है। सीओपीडी के 70% से अधिक मामले तम्बाकू-धूम्रपान के कारण होते हैं। सीओपीडी फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी है, जिसमें वायुमार्ग के अंदर सूजन और जलन होने लगती है। इस बीमारी के कारण फेफड़ों में हवा का प्रवाह भी बाधित हो जाता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि धुएं, धूल या रसायनों के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण सीओपीडी रोग होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। समय पर इस बीमारी का पता न चलने या इलाज न होने के कारण गंभीर जटिलताओं और मौत तक का भी खतरा हो सकता है।
कैसे जानें आपको हो गई है ये बीमारी?
सीओपीडी के लक्षण आमतौर पर तब तक प्रकट नहीं होते जब तक कि फेफड़ों को बहुत ज्यादा नुकसान न हो जाए। हालांकि कुछ संकेतों पर ध्यान देते रहने से इस बीमारी का पता लगाना आसान हो सकता है। सीओपीडी के कारण सांस लेने में परेशानी होती है, खासकर शारीरिक गतिविधियों के दौरान। इसके साथ बलगम के साथ बहुत ज्यादा खांसी आना, सीने में जकड़न या भारीपन होना, बार-बार फेफड़ों में संक्रमण होना, बिना किसी कारण के वजन कम होना भी इस स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
गंध, ठंडी हवा, वायु प्रदूषण, सर्दी या संक्रमण के कारण ये लक्षण ट्रिगर हो सकते हैं।
सीओपीडी की दिक्कत क्यों होती है?
सीओपीडी को मुख्यरूप से धूम्रपान के कारण होने वाली समस्या के रूप में जाना जाता है। कार्यस्थल में रसायन, धुंआ, वाष्प और धूल के संपर्क में लंबे समय तक रहना भी सीओपीडी का एक कारण हो सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को अस्थमा की दिक्कत रही है, उन्हें इसे कंट्रोल में रखने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। इसके कारण भी सीओपीडी की दिक्कत हो सकती है।
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि सीओपीडी की गंभीर स्थिति हार्ट अटैक जैसी जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकती है। इससे लंग्स कैंसर भी हो सकता है।
सीओपीडी से बचाव और इलाज
अधिकांश मामलों में सीओपीडी सीधे सिगरेट पीने से जुड़ी समस्या होती है, सीओपीडी को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि धूम्रपान न करें। रसायनों-प्रदूषण से बचाव और दिनचर्या को ठीक रखकर भी सीओपीडी से बचा जा सकता है। कुछ प्रकार की दवाओं, थेरेपी आदि के माध्यम से लक्षणों को बिगड़ने से रोका जा सकता है। समय पर इसकी पहचान हो जाने से सीओपीडी के कारण होने वाली जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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