सितंबर-अक्तूबर का महीना मच्छरजनित बीमारियों के जोखिमों को बढ़ा देता है। हर साल इन महीनों के दौरान डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया के कारण अस्पतालों में भीड़ बढ़ जाती है। इस साल भी कई राज्यों से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक डेंगू के रोगी बढ़ने लगे हैं। मच्छरजनित रोगों के अलावा महाराष्ट्र और गोवा में बैक्टीरियल संक्रमण के कारण भी बड़ी संख्या में लोगों को बीमार देखा जा रहा है।
Health Alert: इन राज्यों में कालरा-डायरिया के मरीजों ने तोड़ा रिकॉर्ड, जानिए आप कैसे रहें सुरक्षित
महाराष्ट्र-गोवा में बढ़े मरीज
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि भारी बारिश के बीच इस साल पूरे राज्य में हैजा, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डायरिया के मामलों में भारी वृद्धि हुई है। पिछले साल 2023 की तुलना में इस साल अगस्त के अंत तक इन मामलों में दोगुना से अधिक की वृद्धि रिपोर्ट की गई है। अगस्त के अंत तक इन रोगों के करीब 2,237 मामले सामने आए और 10 लोगों की मौत हो गई। पिछले साल इसी अवधि के दौरान 1,213 मामले और एक मौत दर्ज की गई थी।
इसी तरह गोवा स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य के कई अस्पतालों में जलजनित इन रोगों के शिकार लोगों की संख्या काफी बढ़ी है।
कालरा रोग के बारे में जानिए
कालरा, बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होने वाली बीमारी है जिसमें गंभीर दस्त और उल्टी की दिक्कत होती है। यह विब्रियो कोलेरा नामक जीवाणु से दूषित भोजन या पानी पीने से होता है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में या स्वच्छता की कमी के कारण कालरा का खतरा अधिक होता है।
कालरा गंभीर दस्त और निर्जलीकरण का कारण बनती है। निर्जलीकरण से आपके रक्त में खनिजों की तेजी से कमी होने लगती है जिससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन बढ़ जाता है। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान और उपचार मिल जाए तो रोग की गंभीरता और जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
क्या हैं कालरा के लक्षण?
कालरा के अधिकांश मामलों में डायरिया या दस्त की समस्या होती है। इससे शरीर में तेजी से पानी की कमी होने लगती है। इसके साथ मतली और उल्टी की दिक्कत निर्जलीकरण का खतरा और भी बढ़ा देती है। पहले से ही किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के शिकार लोगों में ये लक्षण लो ब्लड प्रेशर और इससे शॉक लगने का कारण बन सकती है।
अगर किसी को कुछ घंटों से लगातार दस्त-उल्टी की दिक्कत बनी हुई है तो उसे तुरंत ओआरएस का घोल दें और डॉक्टर के पास लेकर जाएं।
कालरा और डायरिया से बचाव के तरीके
कालरा और डायरिया से बचने के लिए स्वच्छ भोजन और पानी के सेवन के साथ हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। घरों के आसपास भी साफ-सफाई का ध्यान रखें। अपने हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं, शौच का उपयोग करने के बाद और खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ करें। सिर्फ साफ जल का ही सेवन करें। बोतलबंद या पानी को उबालकर ठंडा करके पीना सबसे फायदेमंद है। बासी भोजन या बाहर खुले में रखी चीजों को बिल्कुल न खाएं।
इसके अलावा यदि किसी में कालरा या डायरिया के लक्षण दिखते हैं तो उन्हें निर्जलीकरण से बचाने के लिए पानी, जूस, ओआरएस का घोल पिलाते रहें। इस बीमारी में समय पर उपचार बहुत जरूरी हो जाता है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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